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अगर आपको ऐसा लगे तो यह जान ले के यह भूत-प्रेत बाधा नहीं है सिर्फ़ एक बीमारी है और इसका उपचार भी संभव है | agar aapko aisa lage to yeh jaan le ke yeh bhoot pret badha nahi hai sirf ek bimari hai aur iska upchaar sambhav hai




अगर आपको ऐसा लगे तो यह जान ले के यह भूत-प्रेत बाधा नहीं है सिर्फ़ एक बीमारी है और इसका  उपचार भी संभव है | agar aapko aisa lage to yeh jaan le ke yeh bhoot pret badha nahi hai sirf ek bimari hai aur iska upchaar sambhav hai

अक्सर सुनने में आता है कि अमुक पर भूतों का साया (ghost shadow) है या ऊपरी असर है या फिर उस पर किसी की सवारी आती है वह अदृश्य (invisible) में बात करता है। तो यह जान लीजिए कि यह कुछ भी ऐसा नहीं है जो बहुत चमत्कारी या डरावनी चीज (horrible things) हो।

यदि किसी को भूत प्रेत दिखायी देने लगें उसे उनकी अचानक से आवाजें सुनायी देने लगें जो किसी दूसरे को सुनायी या दिखायी न दे रही हों। या फिर वह उन आवाजों का जवाब देने लगे तो जान लीजिए कि यह भ्रम की बीमारी है। जिसके कारण व्यक्ति अचानक बदला-बदला व्यवहार (behavior) करने लगता है। इस बीमारी को अंग्रेजी में हैलुसिनेशन (hallucination) कहते हैं। यह बीमारी कई कारणों से हो सकती है कई बार इसके लक्षण सिर पर चोट (head injury) के शिकार मरीजों में ज्यादा दिखाई देते हैं। इससे प्रभावित लोग ऐसी चीजें देखते है जो वास्तविकता से परे होती हैं। लेकिन इससे प्रभावित लोगों को यह बिलकुल वास्तविक लगती हैं। इसे आप जागते हुए ख्वाब (dreams) देखने जैसे कह सकते हैं।

हैलुसिनेशन मे मरीज (patient) को लगता है कि कानों में आवाजें आ रही हैं लेकिन जब वह अपने आस-पास देखता है तो उसे कोई नजर नहीं आता है। मरीज को लगता है कि कोई पर्दे के पीछे से छुप कर बातें कर रहा है। कई बार एक ही व्यक्ति की आवाज आती है और कई बार अलग-अलग लोगों की आवाजें मरीज महसूस करता है कि कोई उसकी बुराई कर रहा है। इससे मरीज बहुत परेशान हो जाता है।

सुनाई देने वाले हैलुसिनेशन अक्सर स्किजोफ्रीनिया (schizophrenia) में भी होते हैं। हैलुसिनेशन कई तरह के दिमागी संक्रमण अथवा सिर पर लगी गंभीर चोट, शरीर में हार्मोन (hormone) के असन्तुलन, लम्बे समय तक मादक पद्धार्थो के सेवन, मदिरा पीने आदि से हो सकते हैं। यह नींद की कमी में भी प्रतीत हो सकता है।

इसका इलाज सम्भव है अगर यह मानसिक बीमारियों (mental disorder) की वजह से है, तो मनोचिकित्सक (psychologist) से इलाज करा सकते हैं। जबकि यदि दिमाग के संक्रमण की वजह से है, तो न्यूरोलाजिस्ट (neurologist) से इसका इलाज करा कर स्वस्थ हो सकते हैं।

2 comments

  1. Sb jhoot h
    mra friend ke andar aatma aa chuka h
    nd mre relative ke sth v aisa ho chuka h
    i believe in this

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