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अनमोल वचन हिंदी में | Anmol Vachan in hindi




अनमोल वचन हिंदी में | Anmol Vachan in hindi

जिसने  ज्न्यान  को  आचरण  में  उतार  लिया , उसने  ईश्वर (ishwar-bhagwan) को  मूर्तिमान  कर  लिया  – विनोबा भावे (vinoda bhave)

मनुष्य  का  सबसे  बड़ा  शत्रु  (enemy) उसका  अज्न्यान  है  – चाणक्य (chanakya)

आपका  आज  का  पुरुषार्थ  आपका  कल  का  भाग्य (future) है  – पालशिरू

क्रोध (anger) एक  किस्म  का  क्षणिक  पागलपन  है  – महात्मा  गांधी

ठोकर  लगती  है  और  दर्द (pain) होता  है  तभी  मनुष्य  सीख  पाटा  है  – महात्मा  गांधी (mahatma gandhi)

नरम  शब्दों (soft words) से  सख्त  दिलो  को  जीता  जा  सकता  है  – सुकरात

समय  और  समुद्र (sea) की  लहरे (waves) किसी  का  इंतज़ार  नहीं  करती  – अज्ञात

कुबेर  भी  यदि  आय  से  अधिक  व्यय (spend) करे  तो  निर्धन (poor) हो  जाता  है  – चाणक्य

डूब  की  तरह  छोटे  बनाकर  रहो . जब  घास -पात  जल (burn) जाते  है  तब  भी  डूब  जस  की  तस  बनी  रहती  है  – गुरु  नानक  देव (guru nanak dev ji)

ईश्वर  के  हाथ (hands) देने  के  लिए  खुले  है . लेने  के  लिए  तुम्हे  प्रयत्न  करना  होगा  – गुरु  नानक  देव

जो  दूसरो  से  घृणा  करता  है  वह  स्वय  पतित  होता  है  – स्वामी विवेकानंद

जो  जैसा  शुभ  व  अशुभ  कार्य  करता  है , वो  वैसा  ही  फल  भोगता  है  – वेदव्यास

मनुष्य  की  इच्छाओ (wishes) का  पेट  आज  तक  कोइ  नहीं  भर  सका  है  – वेदव्यास

नम्रता  और  मीठे  वचन  ही  मनुष्य  के  सच्चे  आभूषण (jewel) होते  है  – तिरूवल्लुवर

थोड़े  से  धन  से  दुष्ट  जन  उन्मत्त  हो  जाते  है  – जैसे  छोटी , बरसाती  नदी   में  थोड़ी  सी  वर्षा (rain) से  बाढ़ (flood) आ  जाती  है  – गोस्वामी  तुलसीदास

ईश  प्राप्ति  (शान्ति ) के  लिए  अंत: कारन  शुद्ध (pure) होना  चाहिए  – रविदास

जब  स्वय  पर  हँसता (laugh) हूँ  तो  मेरे  मन  का  बोज़  हल्का  हो  जाता  है  – टैगोर

जन्म  के  बाद  मर्त्यु , उत्थान  के  बाद  पतन , संयोग  के  बाद  वियोग , संचय  के  बाद  क्षय  निश्चित  है . ज्ञानी इन  बातो  का  ज्न्यान  कर  हर्ष  और  शोक  के  वशीभूत  नहीं  होते  – महाभारत (mahabharat)

जननी  जन्मभूमि  स्वर्ग (swarg- heaven) से  भी  बढाकर  है – अज्ञात

भरे  बादल (clouds) और  फले  वर्कश  नीचे  ज़ुकारे  है , सज्जन  ज्न्यान  और  धन  पाकर  विनम्र  बनाते  है – अज्ञात

सोचना (think), कहना  व  करना  सदा   सम्मान  हो – अज्ञात

न   कल  की  न  काल  की  फिकर  करो , सदा  हर्षित  मुख  रहो – अज्ञात

स्व  परिवर्तन  से  दूसरो  का  परिवर्तन (changes) करो – अज्ञात

ते  ते  पाँव   पसारियो   जेती  चादर  होय – अज्ञात

महान  पुरुष  की  पहली  पहचान (identity) उसकी  विनम्रता  है – अज्ञात

बिना  अनुभव (without experience) कोरा  शाब्दिक  ज्न्यान  अँधा  है – अज्ञात

क्रोध (anger) सदैव  मूर्खता (stupidity) से  प्रारम्भ  होता  है  और  पश्चाताप  पर  समाप्त – अज्ञात

नारी (womens) की  उन्नति (growth) पर  ही  राष्ट्र  की  उन्नति  निर्धारित  है – अज्ञात

धरती (planet) पर  है  स्वर्ग  कहा  – छोटा  है  परिवार  जहा – अज्ञात

दूसरो  का  जो  आचरण  तुम्हे  पसंद  नहीं , वैसा  आचरण  दूसरो  के  प्रति  न  करो – अज्ञात

नम्रता  सारे  गुणों  का  दर्द  स्तम्भ  है – अज्ञात

बुद्धिमान  किसी  का  उपहास  नहीं  करते  है – अज्ञात

हर  अच्छा  काम  पहले असंभव (impossible) नजर  आता  है – अज्ञात

पुस्तक  प्रेमी (book lovers) सबसे  धनवान (rich) व  सुखी  होता  है – अज्ञात

सबसे   उत्तम  बदला  क्षमा  करना  है – अज्ञात

आराम  हराम  है – अज्ञात

दो  बच्चो  से  खिलाता  उपवन , हंसते -हंसते  कटता  जीवन (life)- अज्ञात

अगर  चाहते  सुख  समर्द्धि , रोको  जनसंख्या  वर्द्धि – अज्ञात

कार्य  मनोरथ  से  नहीं , उद्यम  से  सिद्ध  होते  है . जैसे  सोते  हुए  सिंह (tiger) के  मुंह  में  मुर्गे (hen) अपने  आप  नहीं  चले  जाते  – विष्णु  शर्मा

2 comments

  1. bahut hi prerit karne wali post thanks

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