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इंगेजमेंट होने के बाद कभी न खोले ये 10 राज़ | Engagement hone ke baad kabhi na khole yeh 10 raaz




इंगेजमेंट होने के बाद कभी न खोले ये 10 राज़ | Engagement hone ke baad kabhi na khole yeh 10 raaz

अरेंज मैरिज (Arrange Marriage) , हिंदूस्‍तान में बहुत पुरानी प्रथा है। शादी करने का यह तरीका कई सदियों से चला आ रहा है। इस व्‍यवस्‍था के अंर्तगत दो लोगों को परिवार की सहमति से मिलवाया जाता है और उनकी शादी करवा दी जाती है।

अगर आप भी जल्‍द ही अरेंज मैरिज करने वाले हैं तो आपको कुछ बातों को हमेशा ध्‍यान में रखना पड़ेगा। शादी के नाम से मन में कई सवाल, चिंताएं उठने लगती हैं और हम उस पर काबू नहीं पा पाते हैं। यदि आप हाल ही में शादी करने वाले हैं तो निम्‍न बातों का ध्‍यान रखें:

1. ज्‍यादा अंदरूनी जानकारी न दें: अगर आपकी अरेंज मैरिज होने वाली है तो अपने परिवार के बारे में अधिक अंदरूनी जानकारी न दें। आपके माता-पिता या भाई-बहन के साथ सम्‍बंध कैसे हैं, उनका निजी जीवन (Personal Life) कैसा है, आदि के बारे में तुरंत बताना न शुरू कर दें।

2. पारिवारिक जानकारी: परिवार (Family) में लोगों के आपसी सम्‍बंध, उनकी स्थिति के बारे में न बतलाएं। अच्‍छी हो या बुरी; ये सब बताने के लिए सारा जीवन पड़ा है। बेहतर होगा कि आप पहले उन्‍हे समझें और शादी के बाद ही बाकी बातों पर ध्‍यान केन्द्रित करें।

3. बहुत तेजी से आगे न बढ़ें: अरेंज मैरिज में अपने पार्टनर से बात करें, लेकिन उसके साथ शारीरिक रूप (Physical Relation) से इन्‍वॉल्‍व होने की कोशिश न करें। दोनों को समय दें और समझने का मौका दें। भावावेश में आकर एक-दूसरे में समा जाने की भावनाओं पर काबू रखना ही बेहतर होगा।

4. सोशल मीडिया (Social Media) पर हंगामा: लड़का या लड़की सिर्फ पसंद की गई और आप मिल ही पाएं कि आपके अपना स्‍टेटस, इन ए रिलेशनशिप (in relation) कर दिया। ऐसा हरगिज न करें। सोचिए अगर चीजें बदल जाएं तो आपको शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है।

5. आंख बंद करके भरोसा: अरेंज मैरिज में कोर्टशिप पीरियड (Courtship Period) में अपने पार्टनर पर आंखमूंद कर भरोसा न करें। अपना दिमाग चलाएं। उन्‍हे हर तरीके से समझें। उनकी बातों पर यकीन करने से पहले उन्‍हे परखना जरूरी है।

6. जो आपको नापसंद हों, उसके बारे में बताएं: अगर आपको अपने पार्टनर के परिवार में कोई सदस्‍य नहीं पसंद है या फिर उनका कोई दोस्‍त रास नहीं आता है तो तुरंत बताने की जरूरत नहीं है। एकदम से चिढ़कर (irritate) बोलने की आवश्‍यकता नहीं है, उन्‍हे बहुत बाद में अपने आप पता चल ही जाएगा।

7. बहुज ज्‍यादा सहजता: शुरूआत में ही अपने पार्टनर के साथ सहज हो जाना उनहे बाद में अखर सकता है। ऐसे में आप अपने मैनर्स (Manners) को भी भूल सकती हैं और कोई गलती कर सकती हैं जिससे आपके और आपके परिवार के बीच में दरार पैदा हो सकती है।

8. सारी दुनिया उसी में न देखें: शादी हुई नहीं कि आपने अपनी सारी दुनिया उसी में बसा ली है, ऐसा न करें। अपने परिवार और दोस्‍तों से पहले की तरह ही व्‍यवहार करें और कतई दूरी न बनाएं।

9. बहुत उम्‍मीदें रखना: अपने पार्टनर (Partner) से बहुत उम्‍मीदें रखना आपको दु:ख दे सकता है। उससे कम से कम उम्‍मीद रखें, अपनी तरफ से बेस्‍ट दें और गलत न करें। सम्‍मान दें (Give Respect) और दिल से सभी को खुश रखें। उन पर दबाव न डालें कि उन्‍होने आपको कॉल क्‍यों नहीं किया या फिर उन्‍होने ऐसा बात क्‍यों नहीं बताई।

10. अतीत न बताएं: आपका कोई अतीत (Past) था या कोई चला गया या किसी ने छोड़ दिया, ये सब गाथा (Chronic) बताने की आवश्‍यकता नहीं है। हां, उनके साथ रिश्‍ते में आने के बाद धोखा न दें तो बेहतर रहेगा।

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