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इस तरह के सपने आए तो समझ लें की बीमारी आ चुकी है | is tarah ke sapne aaye to samjh le ki bimari aa chuki hai




इस तरह के सपने आए तो समझ लें की बीमारी आ चुकी है | is tarah ke sapne aaye to samjh le ki bimari aa chuki hai

यदि आप सपने (dreams) में बहुत ही करीब से मौत (death from near) को या बहुत बुरी चोट को देखते हैं। डर कर जाग जाते हैं और खौफ के मारे सो नहीं पाते। बार-बार इस खौफनाक हादसे (horrible accident) का अनुभव बताने का मन करे, विचार या सोच में वही घटना बार-बार आए। ऐसे भयानक सपने बार-बार आयें। मन में डर (fear) बैठ जाना कि वह हादसा दोबारा हो रहा है, वैसी ही बाते सुनने या दिखाई देने लगना। बहुत ज्यादा मानसिक तकलीफ महसूस (feeling mental pain) करना, दिल की धड़कनें बढ़ जाना, पसीना आना, हाथ पैर ठंडे पड़ जाना। अपने आप को असहाय महसूस करना। समय पर नींद न आना, ध्यान न लगा पाना, बेवजह गुस्सा आना, अत्याधिक चौंकना और एकदम से डर जाना आदि।

तो जान लीजिये यह बीमारी (disease) है। बच्चों या युवाओं में पोस्ट ट्रामैटिक स्ट्रिेस डिसआर्डर (post traumatic stress disorder पीटीएसडी) के लक्षण अक्सर अपहरण, गंभीर बीमारी, जल जाने, भूकंप के बाद देखने को मिलते हैं। बच्चे अक्सर खेल के माध्यम से अपनी भावनाओं (feelings) को व्यक्त करते हैं। ऐसे में अगर घर का वातावरण बहुत सर्पोटिव (supportive) न हो तब यह लक्षण और बढ़ जाते है।

गहरा सदमा लगने या बहुत तनावपूर्ण हालात का सामना करने के बाद पीटीएसडी उत्पन्न होती है। इस बीमारी का वर्तमान (in the present) में अच्छा उपचार उपलब्ध है, यदि ऐसे लक्षण किसी को भी दिखे तो वह बिना देर करें मनोचिकित्सक (psychologist) से सम्पर्क कर उचित उपचार लेकर स्वस्थ हों।

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