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इस मंत्र से शत्रु भी नतमस्तक हो जाता है | is mantra se shatru bhi ho jaate hai namastak




इस मंत्र से शत्रु भी नतमस्तक हो जाता है | is mantra se shatru bhi ho jaate hai namastak

(1) समस्त बाधाएं (all problems) जिनका निवारण साधारणतया संभव नहीं है, विशेषकर एकसाथ। इसके लिए भगवती का निम्न मंत्र जप करने से शीघ्र व अत्यंत लाभ (helpful) होगा है। इस मंत्र से शत्रु भी नतमस्तक हो जाता है।

मंत्र- ‘ॐ क्लीं सर्व बाधा प्रशमनंत्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी।
एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरि विनाशनम् क्लीं नम:।।

नित्य नवरात्रि में 11 माला जप कर यथाशक्ति हवन कर नवरात्रि के पश्चात एक माला नित्य करें, जीवन की हर बाधा (all problems) मिट जाएगी।

 

(2) शत्रु पीड़ा में यह मंत्र शीघ्र कार्य करते हैं-

मंत्र- ‘ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हुं हुं ह्रीं ह्रीं दक्षिण कालिकायै क्रीं क्रीं क्रीं हुं हुं ह्रीं ह्रीं स्वाहा।’

काले हकीक की माला से नित्य काली यंत्र के चित्र के सामने एक माला जप करें।

 

(3) या फिर भगवती ज्वालादेवी का निम्न मंत्र एक माला नित्य जपें। शत्रु वशीभूत होकर नतमस्तक होंगे।

मंत्र- ‘ॐ ह्रीं श्रीं ज्वालामुखी मम् सर्व शत्रून भक्षय-भक्षय हुं फट स्वाहा।

 

(4) नर्वाण मंत्र का एक प्रयोग काफी गुप्त (secret) है।

मंत्र- ‘क्लीं ऐं ह्रीं चामुण्डायै विच्चे।’

काली हकीक माला से नित्य 11 माला जपें।

 

(5) अचानक संकट उपस्‍थित होने पर लगातार मानसिक जाप निम्न मंत्र के करें। शीघ्र (very soon) ही समस्या का निदान हो जाएगा।

‘सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्रयम्बके देवी नारायणी नमोस्तुते।।’

उपरोक्त मंत्र जप करने मात्र से ही समस्याओं पर विजय (win on problems) मिलती है। आवश्यकता है श्रद्धा और विश्वास (trust) की।

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