Home » Ayurved » कभी न करें समझौता ऐसे 5 जीवन से जुड़े मौकों पर | Kabhi na kare samjhauta aise 5 jeevan se jude mauko par
dharmik
dharmik

कभी न करें समझौता ऐसे 5 जीवन से जुड़े मौकों पर | Kabhi na kare samjhauta aise 5 jeevan se jude mauko par




कभी न करें समझौता ऐसे 5 जीवन से जुड़े मौकों पर | Kabhi na kare samjhauta aise 5 jeevan se jude mauko par

हम अकसर कहते हैं कि अच्छे सुकून भरे जीवन (life) के लिए हमें समझौते (compromise) करने पड़ते हैं। जबकि कुछ चीजों में समझौते करने से पहले हमें पांच दफा सोचना (think) चाहिए। जी, हां! कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनमें समझौते करने से अंत (in the end) में हमारे हाथ सिवाय पछतावे के और कुछ नहीं बचता। ऐसी कौन सी चीजें हैं, आइये जानें।

स्वास्थ्य के बारे में

अगर आपको लगता है कि आप अपने स्वास्थ्य से समझौता (compromise with health) करके अच्छा कर रहे हैं तो जरा एक बार फिर सोच लीजिए। यह कोई चैंकाने वाला तथ्य नहीं है। वर्तमान समय (in the present time) में हम काम के ऊपर किसी को नहीं रखते। खुद को भी नहीं। अपने स्वास्थ्य को भी नहीं। जबकि यह सरासर गलत है। जरा सोचिए जब हमें जिंदगी एक बार मिलती है तो फिर हम क्यों इसे अपनी लापरवाही से गवाएं? स्वास्थ्य के लिए न सिर्फ डाइट प्लान (diet plan) सही रखना चाहिए वरन एक्सरसाइज (exercise) भी करते रहना चाहिए। साथ ही समय समय पर खुद को एक लम्बी छुट्टी (long holiday) में भी भेजना चाहिए ताकि मानसिक राहत (mental rest) मिल सके।

करिअर में बाधक न बनें

करिअर (carrier) ही हमारा आने वाला कल तय करता है। हमारा भविष्य (future) उज्वल होगा या घोर अंधकार में जाएगा, ये सब कॅरिअर से ही सुनिश्चित होता है। इसलिए करिअर चुनते वक्त कतई समझौता न करें। किसी और की न सुनें। यहां यह नहीं कहा जा रहा कि हमेशा रिजिड यानी कठोर बने रहें और दूसरों को दरकिनार करें। कॅरिअर चयन के समय अनुभवियों (experience) को सुनें, उन्हें समझें। कॅरिअर एक बेहद संवेदनशील मुद्दा होता है। इसमें ज़रा भी लापरवाही खतरनाक (dangerous) साबित हो सकती है। अतः इसमें किसी प्रकार का समझौता करने से पहले एक या दो दफा नहीं बल्कि कम से कम पांच दफा सोचें।

सिद्धांतों से समझौता सही नहीं

अगर आप अपने निजी जीवन (personal life)  में सैद्धांतिक हैं, उनका सम्मान करते हैं तो किसी के लिए भी उनमें समझौता करना सही नहीं है। दरअसल सिद्धांतों से समझौता करने पर हमें हार का एहसास होता है। हार हमेशा नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) के साथ हमारे जीवन में प्रवेश करता है। इससे हम जीवन के हर स्तर पर खुद को सबसे निचले पायदान (lower position) पर पाते हैं। इस तरह की सोच से बचने के लिए जरूरी है कि अपने सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाए और समझौता कतई न किया जाए।

खुद पर विश्वास रखें

जब सामने दो रास्ते हों तो किसे चुना जाए? सही और गलत राह में किसी एक को चुनना मुश्किल नहीं है। समस्या तब आती है जब दोनों राहें सही हों। लेकिन उनमें से एक हमारी तकदीर पलटने का सामथ्र्य रखती हो। जी, हां! हमारा खुद पर विश्वास इन दो राहों के चयन के समय ही नजर आता है। हम दूसरों पर आसानी से विश्वास (easily trust) कर लेते हैं जबकि खुद पर विश्वास करना हमारे लिए चुनौती बन जाती है। मनोचिकित्सकों (psychologists) की मानें तो खुशहाल जीवन के लिए खुद पर विश्वास रखना जरूरी है। मरीज भी तभी ठीक होता है जब वह खुद पर विश्वास करता है।

रिश्तों पर भरोसा रखें

रिश्तों (relations) पर से भरोसा उठना जिंदगी की सबसे बड़ी असफलता के रूप में लिया जा सकता है। जी, हां! सम्बंध विशेषज्ञ मानते हैं कि रिश्तों की सफलता-असफलता हमारा कॅरिअर, स्वास्थ्य आदि सब तय करते हैं। अतः रिश्तों पर भरोसा रखें ताकि जीवन खुशमय हो सके।

इन सबके अलावा अपनी दिनचर्या (daily routine) को भी हेल्‍दी बनायें, अच्‍छा खायें रोज व्‍यायाम करें और हमेशा पॉजिटिव (positive) रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*