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पढ़ें 10 खास गुण गुणकारी मैथीदाना के| pade 10 khaas gunn Gunnkari methidana ke




 पढ़ें 10 खास गुण गुणकारी मैथीदाना के| pade 10 khaas gunn Gunnkari methidana ke

भारतीय घरों (indian homes) में आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाला मैथीदाना पोषक तत्वों की खान है। मैथीदाने के अलावा, मैथी की भाजी भी घरों को उपयोग की जाती है। मैथी की भाजी में फायबर (fiber) भरपूर होते हैं और पेट संबंधी तकलीफों (good in stomach problems) में यह बहुत कारगर है। मैथी का इस्तेमाल पाचन तंत्र (digestion system) सुधारने में खासतौर पर किया जाता है। मैथी लीवर (liver) के कार्य करने की क्षमता को भी बढ़ाती है। मैथी के पत्तों से बने पेस्ट को सिर पर लगाने से बालों संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है।

आयुर्वेद (ayurved) में मैथीदाने को बहुत ही खास स्थान दिया गया है। आयुर्वेद के अनुसार मैथीदाने में भोजन को पचाने वाली अग्नि को अधिक प्रभावी बनाने का गुण होता है जिससे पाचन तंत्र में सुधार आता है।

शोधों के अनुसार मैथीदाने में एंटीडायबीटिक (anti diabetic) तत्व बहुतायत में होते हैं। मैथीदानों में पाए जाने वाले घुलनशील फायबर और अमीनों एसिड (amino acid) 4 के कारण इसमें में शरीर में ब्लड शुगर (blood sugar) के स्तर को कम करने का गुण होता है। सूजन और जलन कम करना भी मैथीदाने के अनगिनत गुणों में शामिल है।

जानिए मैथीदाने के खास 10 गुण

1. मैथीदानों में मधुमेह (sugar) को नियंत्रित करने का गुण होता है। डायबीटिज (मधुमेह) में बढने वाले ब्लड शुगर और लिपिड के स्तर को मैथीदाने के उपयोग से नियंत्रित किया जा सकता है। यह शरीर में इंसुलिन (insulin) के स्त्राव को भी सुचारु बनाती है।

2. मैथीदाने में ह्र्दय (heart) को स्वस्थ रखने का गुण भी होता है। इनके उपयोग से शरीर में कोलेस्ट्रोल (cholesterol) का स्तर भी गिरता है। पानी में भीगे हुए मैथीदानों का दिन में दो बार सेवन करना चाहिए।

3. उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए मैथीदानों का प्रयोग बहुत कारगर है। मैथीदानों को सुआ {(Anethum sowa/ dill seeds} के दानों के साथ मिलाकर पाउडर (powder) बनाकर दिन में दो बार दो चम्मच लेना चाहिए।

4. मैथीदानों की तासीर गर्म होती है। इनका उपयोग सर्दी,खांसी, और थोड़े बुखार (fever) में भी किया जाता है। मैथीदानों को कुछ घंटों के लिए पानी में गलाकर रखना चाहिए। इस पानी का दिन में दो बार उबालकर (boil) सेवन करना चाहिए।

5. मैथीदानों का उपयोग डायरिया और दस्त लगने में बहुत कारगर है। मैथीदानों को भूनकर उनके पाउडर को दिन में दो से तीन बार शहद (honey) के साथ इस्तेमाल करना चाहिए।

6. अपनी गर्म तासीर के कारण के, मैथीदाने दमा रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। मैथीदानों को पानी में उबालकर, उनका पेस्ट बनाकर शहद के साथ दिन में दो बार एक माह तक लेने से दमे में आराम मिलता है।

7. गठिया रोगियों,जोडों में दर्द और सूजन जैसी तकलीफों में मैथीदानों के उपयोग से आराम मिलता है। 6 ग्राम मैथीदानों के पाउडर को दिन में दो बार उपयोग करने से जोड़ों के दर्द (joint pain) से राहत मिलती है।

8. बालों से जुडी (hair problems) हुई हर प्रकार की समस्याओं से छुटकारे के लिए मैथीदानों का उपयोग बहुत कारगर है। मैथीदानों का पेस्ट को बालों पर लगाने से रुसी खत्म होती है और बाल झड़ना बंद हो जाता है साथ ही साथ नए बाल भी उगते हैं।

9. मैथीदानों के पाउडर से चेहरे (face) पर नई चमक आती है। इससे चेहरे की गहराई तक सफाई होती है और चेहरा खिल उठता है।

10. स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए मैथीदानों का खास महत्व है। इससे दूध (milk) की कमी दूर होती है।

मैथीदानों के स्वस्थ्य संबंधी गुण अनगिनत हैं परंतु कुछ लोगों में इनके इस्तेमाल से विपरीत प्रभाव (opposite reaction) भी पड़ सकते हैं, खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

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