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घर मे धन की बरक्कत के लिये | Ghar mein dhan ki barkat ke liye




 घर मे धन की बरक्कत के लिये | Ghar mein dhan ki barkat ke liye

किसी भी बृहस्पतिवार (wednesday) को बाजार से जलकुंभी लाएं और उसे पीले कपड़े (yellow clothes) में बांधकर घरमें कहीं लटका दें। लेकिन इसे बार-बार छूएं नहीं। एक सप्ताह के बाद इसे बदल कर नई कुंभी ऐसे ही बांध दें। इस तरह ७ बृहस्पतिवार करें। यह निच्च्ठापूर्वक करें, ईश्वर ने चाहातो आपकी संपत्ति में वृद्धि अवष्य होगी।

अमीर बनने का अनुभूत टोटका

जो भी कमाया जाये उसका दसवां हिस्सा (tenth part) गरीबों को भोजन,कन्याओं को भोजन औरवस्त्र, कन्यायों की शादी (marriage of girls) , धर्म स्थानों को बनाने के काम, आदि में खर्च करिये, देखिये कि आपकी आमदनी (income) कितनी जल्दी बढनी शुरु हो जाती है। लेकिन दसवें हिस्से अधिक खर्च करने पर बजाय आमदनी बढने के घटने लगेगी।

धन के ठहराव के लिए :

आप जो भी धन मेहनत से कमाते हैं उससे ज्यादा खर्च हो रहा हो अर्थात घर में धन का ठहराव न हो तो ध्यान रखें को आपके घर में कोई नल लीक न करता हो ! अर्थात पानी टप-टप टपकता न हो ! और आग पर रखा दूध या चाय उबलनी (boiled) नहीं चाहिये ! वरना आमदनी से ज्यादा खर्च होने की सम्भावना रह्ती है !

॰ घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तर पश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े (red clothes) में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा।

॰ घर में स्थायी सुख-समृद्धि हेतु पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रह कर लोहे के बर्तन मेंजल, चीनी, घी तथा दूध मिला कर पीपल के वृक्ष की जड़ में डालने से घर में लम्बे समय तक सुख-समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का वास होता है।

॰ घर में बार-बार धन हानि हो रही हो तों वीरवार (thursday) को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर गुलाल पर शुद्ध घी का दोमुखी (दो मुख वाला) दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाते समय मन ही मन यह कामना करनी चाहिए की भविष्य में घर में धन हानि (money loss) का सामना न करना पड़े। जब दीपक शांत हो जाए तो उसे बहते हुए पानी में बहा देना चाहिए।

॰ काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशामें फेंक दें, धनहानि बंद होगी।

घर की आर्थिक स्थिति (financial condition) ठीक करने के लिए घर में सोने का चौरस सिक्का रखें। कुत्ते को दूध दें। अपने कमरे में मोर का पंख रखें।

॰ अगर आप सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो आपको पके हुए मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंगकर, उसके मुख पर मोली बांधकर तथा उसमें जटायुक्त नारियल रखकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

॰ अखंडित भोज पत्र पर 15 का यंत्र लाल चन्दन की स्याही से मोर के पंख की कलम से बनाएं और उसे सदा अपने पास रखें।

॰ व्यक्ति जब उन्नति की ओर अग्रसर होता है, तो उसकी उन्नति से ईर्ष्याग्रस्त होकर कुछ उसके अपने ही उसके शत्रु बन जाते हैं और उसे सहयोग देने के स्थान पर वे ही उसकी उन्नति के मार्ग को अवरूद्ध करने लग जाते हैं, ऐसे शत्रुओं से निपटना अत्यधिक कठिन होता है। ऐसी ही परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रात: काल सात बार हनुमान बाण का पाठ करें तथा हनुमान जी (Shri hanuman Ji) को लड्डू का भोग लगाएँ और पाँच लौंग पूजा स्थान में देशी कर्पूर के साथ जलाएँ। फिर भस्म से तिलक करके बाहर जाएँ। यह प्रयोग आपके जीवन में समस्त शत्रुओं को परास्त करने में सक्षम होगा, वहीं इस यंत्र के माध्यम से आप अपनी मनोकामनाओं (wishes) की भी पूर्ति करने में सक्षम होंगे।

॰ कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। अनिष्ट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।

॰ अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बन रही हो, किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है।

॰ अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। यदि व्यवसाय में आकिस्मक व्यवधान एवं पतन की सम्भावना प्रबल हो रही हो, तो यह प्रयोग बहुत लाभदायक है।

॰ अगर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हों, तो मन्दिर में केले के दो पौधे (banana plants) (नर-मादा) लगा दें।

अगर आप अमावस्या के दिन पीला त्रिकोण आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लहराता हुआ रहे, तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा। झंडा लगातार वहाँ लगा रहना चाहिए। यह अनिवार्य शर्त है।

॰ देवी लक्ष्मी के चित्र के समक्ष नौ बत्तियों का घी का दीपक जलाएँ। उसी दिन धन लाभ होगा।

॰ एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मोली, अक्षत अर्पित कर पूजन करें। फिर हनुमानजी के मन्दिर में चढ़ा आएँ। धन लाभ होगा।

॰ पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल का दीपक जला दें। फिर वापस घर आ जाएँ एवं पीछे मुड़कर न देखें। धन लाभ होगा।

॰ प्रात काल पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएँ तथा अपनी सफलता की मनोकामना करें और घर से बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक बनाकर उस पर पीले पुष्प और अक्षत चढ़ाएँ।घर से बाहर निकलते समय दाहिना पाँव पहले बाहर निकालें।

॰ एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल, दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं रख दें। यह क्रिया बुधवार को करें। घर में धन आना शुरू हो जाएगा।

॰ प्रत्येक मंगलवार को 11 पीपल के पत्ते लें। उनको गंगाजल से अच्छी तरह धोकर लाल चन्दन से हर पत्ते पर 7 बार राम लिखें। इसके बाद हनुमान जी के मन्दिर में चढ़ा आएं तथा वहां प्रसाद बाटें और इस मंत्र का जाप जितना कर सकते हो करें। जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करो गुरू देव की नांई´ 7 मंगलवार लगातार जप करें। प्रयोग गोपनीय रखें। अवश्य लाभ होगा।

  ॰ ऋग्वेद ( 4/32/20&21) का प्रसिद्ध मन्त्र इस प्रकार है – “ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मादभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ॐ भूरिदा त्यसि श्रुतरू पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नोभजस्व राधसि।।” (हे लक्ष्मीपते ! आप दानी हैं, साधारण दानदाता ही नहीं बहुत बड़ेदानी हैं। आप्तजनों से सुना है कि संसारभर से निराश होकर जो याचक आपसे प्रार्थना करता है उसकी पुकार सुनकर उसे आप आर्थिक कष्टों से मुक्त कर देते हैं – उसकी झोलीभर देते हैं। हे भगवान मुझे इस अर्थ संकट से मुक्त कर दो।)

निम्न मन्त्र को शुभमुहूर्त्त में प्रारम्भ करें। प्रतिदिन नियमपूर्वक 5 माला श्रद्धा से भगवान्श्रीकृष्ण का ध्यान करके, जप करता रहे – “ॐ क्लीं नन्दादि गोकुलत्राता दातादारिर्द्यभंजन।सर्वमंगलदाता च सर्वकाम प्रदायकरू। श्रीकृष्णाय नम: ॰

 भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष भरणी नक्षत्र के दिन चार

घड़ों में पानी भरकर किसी एकान्त कमरे में रख दें। अगले दिन जिस घड़े का पानी कुछ कम हो उसे अन्न से भरकर प्रतिदिन विधिवत पूजन करते रहें। शेष घड़ों के पानी को घर, आँगन, खेत आदि में छिड़क दें। अन्नपूर्णा देवी सदैव प्रसन्न रहेगीं।

आर्थिक समस्या के छुटकारे के लिए :

यदि आप हमेशा आर्थिक समस्या से परेशान हैं तो इसके लिए आप 21 शुक्रवार 9 वर्षसे कम आयु की 5 कन्यायों को खीर व मिश्री का प्रसाद बांटें !

 घर और कार्यस्थल में धन वर्षा के लिए :
इसके लिए आप अपने घर, दुकान या शोरूम में एक अलंकारिक फव्वारा रखें ! या

एक मछलीघर जिसमें 8 सुनहरी व एक काली मछ्ली हो रखें ! इसको उत्तर या उत्तरपूर्व की ओर रखें ! यदि कोई मछ्ली मर जाय तो उसको निकाल कर नई मछ्ली लाकर उसमें डाल दें !

घर में स्थिर लक्ष्मी के वास के लिए :

चक्की पर गेहूं पिसवाने जाते समय तुलसी के ग्यारह पत्ते गेहूं में डाल दें। एक लाल थैली में केसर के २ पत्ते और थोड़े से गेहूं डालकर मंदिर में रखकर फिर इन्हें भी पिसवाने वाले गेंहू में मिला दें, धन में बरकत होगी और घर में स्थ्रि लक्ष्मी का वास होगा। आटाकेवल सोमवार या शनिवार को पिसवाएं।

घर मे धन की बरक्कत के लिये टोटका
सबसे छोटे चलने वाले नोट का एक त्रिकोण पिरामिड बनाकर घर के धन स्थान में रख दीजिये,जब धन की कमी होने लगे तो उस पिरामिड को बायें हाथ में रखकर दाहिने हाथ से उसे ढककर कल्पना कीजिये कि यह पिरामिड घर में धन ला रहा है,कहीं से भी धन का बन्दोबस्त हो जायेगा, लेकिन यह प्रयोग बहुत ही जरूरत में कीजिये।

आज के युग में सबसे महत्वपूर्ण धन प्राप्ति का कार्य है। कई लोग ऐसे हैं कि किन्हीं अज्ञातकारणों से उनके धन प्राप्ति में कोई रोड़ा अटकाते हैं। इन उपायों (नियमित) से आप अपनेघर में लक्ष्मी का स्थायी वास कर सकते हैं-

(1) सप्ताह में एक बार समुद्री नमक से पोछा लगाने से घर में शांति रहती है। घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर घर में झगड़े भी नहीं होते हैं तथा लक्ष्मी का वास स्थायी रहता है।

(2) जिस घर में नियमित रूप से अथवा हर शुक्रवार को श्रीसुक्त अथवा लक्ष्मीसुक्त का पाठ होता है वहाँ स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।

(3) यदि आप गुरुवार को पीपल में सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएँ तथा शनिवारको गुड़ तथा दूध मिश्रित जल पीपल को चढ़ाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएँ तो आप कभी भी आर्थिक रूप से परेशान नहीं होंगे।

4) प्रत्येक पूर्णिमा को कंडे के उपले को जलाकर किसी मंत्र से 108 बार आहुति से धार्मिक भावना उत्पन्न होती है।

(5) कंडे के उपले को जलाकर लोभान को रखकर माह में दो बार धुएँ को पूरे घर में घुमाएँ।

(6) प्रत्येक अमावस्या को घर की सफाई की जाए। फालतू सामान बेच दें तथा घर के मंदिर में पाँच अगरबत्ती लगाएँ।

(इन उपायों में से किसी एक, दो या तीन उपाय को नियमित करके देखें आप आर्थिक स्थायी संपन्नता पा सकेंगे।)

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