Home » Gyan » जानिए हिंदू महिलाएं की मांग में सिंदूर क्यों लगाया जाता है? | Jaaniye hindu mahilaayein ki maang mein sindoor kyon lagaya jata hai
dharmik
dharmik

जानिए हिंदू महिलाएं की मांग में सिंदूर क्यों लगाया जाता है? | Jaaniye hindu mahilaayein ki maang mein sindoor kyon lagaya jata hai




जानिए मांग में सिंदूर क्यों लगाया जाता है?  | Jaaniye hindu mahilaayein ki maang mein sindoor kyon lagaya jata hai

यह बात तो आप सभी जानते हैं कि हिंदू धर्म (hindu religion) में विवाहित महिलाएं (married womens)  मांग में सिंदूर भरती हैं। इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है। सिंदूर भरने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने अपने पति के सम्मान के लिए अपने जीवन की आहुति दी थी। जिसके कारण सिंदूर देवी पार्वती का प्रतीक है।

मान्यता है कि जो महिला अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं, देवी पार्वती हमेशा उस पर कृपा करती हैं और उसके पति की रक्षा करती हैं।

क्या है शास्त्र के अनुसार
मेष राशि का स्थान माथे पर होता है। मंगल, मेष राशि का स्वामी ग्रह है, क्योंकि मंगल ग्रह का रंग लाल होता है। इसे शुभ माना जाता है। इसे सौभाग्य का संकेत भी माना जाता है। उत्तर भारत में नवरात्रि व संक्राति जैसे त्योहारों पर विवाहित स्त्रियों के लिए सिंदूर लगाना बहुत अनिवार्य (compulsory) है। इससे पता चलता है कि सिंदूर धार्मिक कारणों की वजह से भी बहुत महत्व (imprtance) रखता है।

सिंदूर लगाने का वैज्ञानिक कारण
सिर के मध्य भाग में सिंदूर लगाया जाता है। इस बिंदु को महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है। इस जगह सिंदूर लगाने से दिमाग (brain) हमेशा सतर्क और सक्रिय रहता है। दरअसल, सिंदूर में मरकरी होता है। ये अकेली ऐसी धातु है, जो लिक्विड (liquid) रूप में पाई जाती है। यही वजह है कि सिंदूर लगाने से शीतलता मिलती है और दिमाग तनावमुक्त (stress-less brain) रहता है। सिंदूर शादी के बाद लगाया जाता है, क्योंकि माना जाता है शादी के बाद ही महिला की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और दिमाग को शांत और व्यवस्थित रखना जरूरी हो जाता है। इसलिए सिंदूर लगाने की प्रथा बनाई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*