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जाने और समझे स्मार्ट फोन के इस्तेमाल के शिष्टाचार और कैसे करें मोबाइल फोन का सही तरिके से उपयोग!! | jaane aur samjhe smart phone ke istemaal ke shishtachaar aur kaise kare mobile phone ka sahi tarike se upyog.




जाने और समझे स्मार्ट फोन के इस्तेमाल के शिष्टाचार और कैसे करें मोबाइल फोन का सही तरिके से उपयोग!! | jaane aur samjhe smart phone ke istemaal ke shishtachaar aur kaise kare mobile phone ka sahi tarike se upyog.

स्मार्टफोन्स ने हमारे जीवन में एक साकारात्मक परिवर्तन (positive changes) लाया है। आज लगभग सबके पास स्मार्टफोन तो जरूर होता है, इसकी मदद से हम लगातार अपने मित्रों और बाकि दुनिया से जुड़े रहते हैं। खबरें पढ़नी हो या गानों का मज़ा लेना हो, किसी को पैसे भेजने हों या कोई बिल भरना हो, नौकरी के लिए अर्जी देनी हो या कोई जरुरी आर्टिकल पढ़ना (article reading) हो स्मार्टफोन से चुटकी बजाते ही हो जाता है।

यह हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा (important part) बन चुका है की इसके उपयोग के शिष्टाचार को लेकर भी किताबें (books) और लेख लिखे जा रहे हैं। यहाँ तक कि शिष्टाचार सिखाने वाले इंस्टीट्यूट (institute) भी अब मोबाइल शिष्टाचार को अपने पाठ्यक्रम (studies) में शामिल कर रहे हैं।

वैसे तो मोबाइल फोन के शिष्टाचार अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। परंतु कुछ आम शिष्टाचार इस प्रकार हैं:

सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों में मोबाइल वाईब्रेशन पर रखें:

सार्वजनिक स्थानों (public places) तथा अस्पताल (hospital) जैसी जगहों पर अपने मोबाइल फोन को साइलेंट (silent) या वाईब्रेशन मोड (vibration mode) पर ही रखें। सोचिए आप अस्पताल के आईसीयू वार्ड (icu ward of hospital) में बैठे हों और आपके मोबाइल पर रिंगटोन (ringtone) के लिए चुनी गई कोई गाने की धुन बजे तो बाकी के लोगों को कैसा लगेगा।

आवाज़ धीमी रखें:

कुछ लोगों को आदत होती है कि वे एसटीडी कॉल (std call) को प्राप्त करते ही जोर जोर से बोलने लगते हैं। हालाँकि उसकी आवश्यकता नहीं है। लोकल कॉल (local call) के दरम्यान भी अपनी आवाज को धीमी ही रखें। विशेष रूप से यदि आप सार्वजनिक स्थानों पर हों तो अपनी आवाज उतनी ही रखें जितनी मात्र आपके कानों तक जाए। यदि आपको लगे की सामने वाले व्यक्ति को आवाज सुनाई नहीं दे रही तो फोन के आसपास अपने हाथों से घेरा बना लें।

किसी से बात करते समय या बैठक (मीटिंग्स) में मोबाइल का इस्तेमाल ना करें:

जब आप किसी अन्य व्यक्ति के साथ बातचीत या चर्चा कर रहें हों, या फिर किसी महत्वपूर्ण बैठक में बैठे हों तो अपने मोबाइल का इस्तेमाल टाल दें। फोन को स्विच ऑफ (switch off) कर दें या फिर साइलेंट। यदि कोई बहुत ही महत्वपूर्ण कॉल आ जाए तो कॉल उठाने के लिए थोड़ी दूर चले जाएँ और इसके लिए सामने बैठे व्यक्ति से क्षमा (feel sorry) मांगे। कॉल को जल्द से जल्द खत्म कर वापस आएँ। कम महत्वपूर्ण कॉल (important call) को अनदेखा कर सकते हैं या फिर पहले से तैयार एसएमएस टेम्पलेट (sms template) का उपयोग कर ऐसे कॉल करने वाले लोगों को संदेश भेज सकते है कि आप व्यस्त (busy) हैं और बाद में उनसे संपर्क करेंगे।

धार्मिक स्थानों पर मोबाइल बंद कर दें:

धार्मिक स्थानों (religious places) में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो आपकी मनपसंद रिंगटोन को सुनने में रूचि रखता होगा। इसलिए बेहतर होगा आप मोबाइल फोन को साइलेंट रखें। वाईब्रेशन मोड से भी किसी को परेशानी हो सकती है।

विद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों में मोबाइल फोन बंद रखें:

यदि आप विद्यार्थी (student) हैं तो अपने स्कूल-कॉलेज (school colleges) में क्लास के सत्र के दौरान मोबाइल स्विच ऑफ कर दें। अधिकतर स्कूलों और कॉलेजों में पहले से यह नियम (rule) लागू है, यदि आपके कॉलेज में यह नियम ना भी लागू हो तो भी आप इसे अमल में ला सकते हैं। मोबाइल स्विच ऑफ होगा तो आपने आने वाले किसी कॉल या संस से विकर्षित नहीं होंगे न ही आपके मन में कोई गेम खेलने (play game) का विचार आएगा और आप पढाई में ध्यान लगा पाएंगे।

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