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तनाव को कम करने के लिए ध्यान रखें ये तरीका | Tanaav ko kam karne ke liye dhyaan rakhe yeh tarika




तनाव को कम करने के लिए ध्यान रखें ये तरीका| Tanaav ko kam karne ke liye dhyaan rakhe yeh tarika

कभी-कभी (sometimes) हमारे सामने बहुत सारा काम एक साथ आ जाता है, काम का दबाव (work pressure) बढ़ने लगता है और ये दबाव ही मानसिक तनाव (mental stress) पैदा करता है। तनाव में अक्सर गलतियां (mistakes) हो जाती हैं, लेकिन ऐसे समय में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो ये तनाव भी हमारी योग्यता को बढ़ा सकता है। ‘यदि हम तनाव को एक चुनौति (challenge) मानकर काम करेंगे तो निश्चित ही इससे हमारी योग्यता बढ़ेगी।

सांसारिक और आध्यात्मिक दृष्टि में तनाव

कोई काम करते हुए दबाव बन जाना स्वाभाविक (natural) है, लेकिन तनाव में आ जाना ठीक नहीं। हमें प्रेशर और टेंशन (tension) के बीच के फर्क को समझना चाहिए। तनाव को सांसारिक दृष्टिकोण से देखेंगे तो हम पाएंगे कि इसकी वजह से हमारे आसपास नकारात्मक ऊर्जा (negative energy) एकत्रित हो गई है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि देखेंगे तो तनाव से भी सकारात्मक संकेत (positive signs) प्राप्त होंगे। यही सकारात्मक दृष्टि हमारी कार्य क्षमता (work power) और योग्यता को बढ़ा सकती है।

ऐसे दूर करें तनाव

तनाव दूर करने के लिए एक प्रयोग किया जा सकता है। जब तनाव आए तो अपनी इंद्रियों (senses) पर लौट जाइए यानी ध्यान (मेडिटेशन-meditation) करें। उदाहरण (for example) के तौर पर जैसे आंख (eye) हमारी एक इंद्रिय है। हम आंखें बंद करें और पूरी तरह से उसी पर एकाग्र (concentrate) हो जाएं। यह एक आध्यात्मिक व्यवस्था है कि सभी इंद्रियां भीतर से अपने परिणामों (results) को लेकर आपस में जुड़ी हुई हैं। हम जिस समय आंख नाम की इंद्रिय पर नियंत्रण करेंगे तो हम पाएंगे कि कान पर भी हमारा नियंत्रण शुरू हो गया। हम आंख से जो भीतर देख रहे होंगे, कान से भी वही सुनने लगेंगे। यह एक नया अनुभव रहेगा। यह आंतिरक अनुभव(inner experience)  हमें बाहरी तनाव से मुक्त करेगा।

बाहर का काम तो होना ही है, आप नहीं करेंगे तो कोई दूसरा करेगा, लेकिन तनाव से परेशान होकर काम करेंगे तो आप उस दौड़ से या तो बाहर हो जाएंगे या लड़खड़ाकर गिर जाएंगे। अंतिम सफलता या तो असफलता में बदल जाएगी या अशांति में। अत: तनावमुक्त होने के लिए अपनी इंद्रियों पर लौटने का यह छोटा-सा प्रयोग करते रहें।

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