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धन बचाने के 5 तरीके जो किसी भी प्रकार कि कठिन परिस्थितयों के समय आपके काम आ सके| Dhan bachane ke 5 tarike jo kisi bhi prakaar ki kathin paristhitoyi ke samay aapke kaam aa sake.




धन बचाने के 5 तरीके जो किसी भी प्रकार कि कठिन परिस्थितयों के समय आपके काम आ सके| Dhan bachane ke 5 tarike jo kisi bhi prakaar ki kathin paristhitoyi ke samay aapke kaam aa sake.

वित्तीय सलाहकारों (Financial Consultants) में से अधिकांश सलाहकार, एक कठिन समय के लिए धन को जोड़ने (Saving Money) की सलाह देते हैं, जिसका उपयोग कठिन परिस्थितयों में किया जा सकता है। एक निश्चित राशि (किसी के लिए 500 तो किसी के लिए 2000 या 5000) को हर महिने (Every Month) अलग रखने का मुख्य लाभ यह है कि जरूरत के समय में लंबी अवधि के लिए किये गए निवेश को तोड़कार आप अपनीमुसीबत को आसानी से हल कर सकते हो|

इस प्रकार यह आपकी वर्तमान वित्तीय स्थिति (Current Financial Situation) का ख्याल रखते हुए आपकी भविष्य की वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूर्ण करने में मदद करता है। आपातकालीन-निधि का निर्धारण बहुत महत्वपूर्ण है ताकि ज़रूरत पड़ने पर यह राशि आपकी आवश्यकताओं से सही-सही मेल खाए, और कम-ज़्यादा न हो। जीवन अनिश्चित है और इसका सामना करने के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से हमेशा तैयार रहना चाहिए। आपातकालीन परिस्थितियों (Emergency- Urgent Situations) से निपटने के लिए निधि-निर्माण के कुछ समझदारी भरे तरीके नीचे दिए गए हैं:

1) इस राशि को सदैव अलग रखें: सबसे पहला कदम इस प्रकार कि निधि का अलग खाता रखना है जो किसी भी अन्य निवेश के साथ मिश्रित न हो। इसे ऐसे बचत खाते में भी रखा जा सकता है जिसमे ब्याज दर अधिक हो ताकि आप ब्याज के माध्यम से भी लाभ कमा सकें। जब आपको महसूस हो कि राशि पर्याप्त है तो आप एक अतिरिक्त राशि डाल कर इसे और तरह के निवेश के लिए जैसे कि फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit), म्युचुअल फंड (Mutual Fund) या बांड के रूप में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। निवेश जोखिम कारक और टैक्स ब्रैकेट के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। हो सके तो इस पैसे को अलग अलग तरह कि स्कीम में लगाये|

2) टैक्स प्लानिंग: जिन लोगों कि टैक्स ब्रैकेट (Tax Paying) अधिक है उन्हें इस तरह से कर अदायगी की योजना बनानी चाहिए कि उनकी कटौती अधिक न हो और दूसरे जब वो अपना टैक्स अदा करें तो उन्हें कर का वापस भुगतान भी मिल सके। इस तरह का कर जो वापस आता है उसे एक आपातकालीन निधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

3) क्रेडिट कार्ड: क्रेडिट कार्ड एक महंगा विकल्प (Costly Option) है क्योंकि यह खर्च पर अधिक और बचत पर कम केन्द्रित है इसलिए क्रेडिट कार्ड से बचे। एक छोटी राशि से शुरू करते हुये अपने खर्च को कम करें। एक तरफ राशि रखते समय यथार्थवादी बनें। उच्च ब्याज दर (High Interest) वाले क्रेडिट कार्ड (Credit Card) को भी कम किया जा सकता है। इस प्रकार की बचतें आपको एक आपातकालीन-निधि के निर्माण में मदद कर सकती हैं। धीरे धीरे धीरे आपने खर्चो को कम करे, हर रोज़ लिखे के आज आपका कितना खर्चा हुआ और उस में से कितना पैसा बचाया जा सकता था, इस प्रकार आप धीरे धीरे अपने खर्चे में आसानी से कमी ले आयेंगे|

4) वेतन आय: वेतन वृद्धि होने पर एक छोटी सी राशि माहवार (Monthly), नियमित रूप से बचाएं। 2000 से 3000 रूपये हर माह अलग रख लेने से कोई विशेष प्रभाव आपकी दैनिक जीवन पर नहीं पड़ेगा । प्रारंभ में, एक छोटी राशि के साथ शुरू कर सकते हैं और समय के साथ-साथ बढौतरी कर सकते हैं। पैसे बचाना भी पैसा कमाना ही होता है इसलिए खर्च कम करे|

5) लघु अवधि के निवेश: आप कुछ दिनों से लेकर कुछ माह के लघु अवधि (Short Period) के निवेश में पैसे निवेश कर सकते हैं। हालांकि, इस सूरत में वापसी या दंड शुल्क और साधन की तरलता पर विचार अवश्य कर लेना चाहिए। इसका मतलब बिल्कुल अंत समय में कम आने वाला पैसा|

निष्कर्ष: यहाँ बुनियादी सवाल यह है कि हम इस आपातकालीन (Emergency) निधि का उपयोग कब और किसलिए कर सकते हैं? इसे आप अप्रत्याशित चिकित्सा खर्च के लिए उपयोग कर सकते हैं जो बीमा के तहत कवर नहीं होती। नौकरी चले जाने कि हालत में कर्ज़ भुगतान हेतु भी इसका उपयोग किया जा सकता है। इस कोष का उपयोग छुट्टियों (Holidays), ब्रांडेड कपड़े (Branded Clothes), या अन्य विलासिता के लिए नहीं किया जाना चाहिए वरना आपातकालीन निधि का उद्देश्य विफल हो जाएगा। अच्छी और साधारण जिंदगी जिये, भोग विलासता वाली ज़िंदगी से बचे|

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