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नल से टपकते पानी और धन की बर्बादी का क्या है संबंध | Nal se tapakte paani aur dhan ki barbaadi ka kya hai sambandh




नल से टपकते पानी और धन की बर्बादी का क्या है संबंध| Nal se tapakte paani aur dhan ki barbaadi ka kya hai sambandh

वास्तु-शास्त्र (vastu shastra) का भारत में बहुत महत्तव (importance) है. यहाँ लोग अपना घर बनाने से लेकर सामानों का रख-रखाव भी वास्तु-शास्त्र के अनुसार करते हैं. इसके अनुसार केवल घर की दिशा ही नहीं बल्कि इसके अंदर और बाहर की वस्तुएँ, पेड़-पौधे (tree and plants) आदि भी वास्तु को प्रभावित करते हैं. भौतिकता के बढ़ने के बावजूद आज भी अधिकांश लोग वास्तु-नियमों का पालन करते हैं. कई असफलता के डर से तो कई आर्थिक नुकसान (financial loss) से बचने के लिए. धन-सम्पदा और ज्ञान में वृद्धि के लिए जानिए ऐसे ही कुछ नियमों और प्रथाओं के बारे में…..

टपकते नल

फेंगशुई (feng shui) में जल को संपत्ति माना गया है. घर में टपकते नल से अगर पानी आता हो तो बिना देरी किए उसकी मरम्मत (repair) करवा दें. ऐसा माना जाता है कि घर में टपकते नल से धन पानी की तरह बह जाता है.

समुद्री जहाज

समुद्री जहाज को व्यवसाय (business) में सफलता का प्रतीक माना जाता है. इसलिए घर व दफ्तर में जहाज का प्रतीक रखा जा सकता है. लेकिन ऐसा करते हुए यह ध्यान रखना चाहिए कि जहाज का प्रतीक घर या दफ्तर में आते हुए दिखे. बाहर की तरफ जाते हुए जहाज का मतलब होता है कि आपको मिलने वाले अवसर बाहर जा रहे है. इससे व्यवसाय में घाटा हो सकता है.

ग्लोब

अपने ज्ञान को बढ़ाने (gain the knowledge)  के लिए घर के अंदर उत्तर-पूर्व में ग्लोब रखें. इससे ज्ञान में वृद्धि होती है. वास्तु-शास्त्र के अनुसार इस दिशा का तत्व पृथ्वी को माना जाता है.

उत्तर दिशा को जीवन में प्रगति और सुअवसरों से जोड़ कर देखा जाता है. ऐसे में उत्तर दिशा में सफेद फूलों (white flowers) वाला धातु का फूलदान रखने से जीवन में समृद्धि के योग बनते हैं.

दक्षिण दिशा का तत्व अग्नि को माना जाता है और इससे प्रसिद्धि जुड़ी होती है. लाल रंग अग्नि का प्रतीक है. दक्षिण दिशा (south direction) में लाल रंग के बॉर्डर में घर के मालिक की तस्वीर मढ़वाकर उसे लगानी चाहिए. इसे प्रतिष्ठा और साख बढ़ाने का उपाय माना जाता है.

तुलसी का पौधा

तुलसी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है. ऐसा माना जाता है कि तुलसी के पौधे को घर के उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाया जाना चाहिए. इससे घर में खुशहाली आती है.

इनसे बचें..

वास्तु-नियमों के अनुसार प्रवेश द्वार के सामने वृक्ष या खंभा होने पर बच्चों को कष्ट होता है. इससे बच्चों का विकास असंतुलित होता है और उनके रोजगार में भी बाधाएँ आती है. प्रवेश द्वार के सामने गड्ढ़े को मानसिक रोगों और परेशानियों (mental diseases and problems) का कारण समझा जाता है. घर के सामने या बीच में कोई भी पौधा (plant) न लगाए. इससे घर के सदस्यों पर नकारात्मक (negative) असर पड़ता है.

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