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प्रोटीन युक्‍त दही है बहुत फायदेमंद | Protein yukt dahi hai bahut faaydemand




प्रोटीन युक्‍त दही है बहुत फायदेमंद  | Protein yukt dahi hai bahut faaydemand

जो खावै चना, वो रहे बना,
जो पीवै दही, वो रहे सही।

भारतीय संस्कृति (indian tradition/culture) में चिरकाल से दही की महत्ता (importance of curd) को स्वीकार किया गया है। यज्ञ, हवन, विवाह संस्कार तथा मंदिरों में प्रसाद आदि के मांगलिक अवसरों पर दही का प्रयोग होता रहा है। आज भी शुभ कार्य के लिए जाते समय घर के बुजुर्ग दही या गुड़ खाकर जाने को कहते हैं। दही को सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है (curd is good for health)। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ (chemical liquids) होते हैं, जिसके कारण यह दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाता है। जिन लोगों को पेट की परेशानियां जैसे- अपच, कब्ज, गैस बीमारियां घेरे रहती हैं, उनके लिए दही या उससे बनी लस्सी, मट्ठा, छाछ का उपयोग करने से आंतों की गरमी दूर हो जाती है। डाइजेशन (digestion) अच्छी तरह से होने लगता है और भूख खुलकर लगती है।

दही भारतीय भोजन का अहम हिस्‍सा माना जाता है। इसमें तमाम ऐसे पोषक तत्‍व होते हैं, जो इनसान के शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में मददगार (helpful in infections) होते है। यह सेहत और सूरत दोनों संवारने में काफी मददगार होता है। दही का प्रयोग हर घर में होता है। लेकिन क्या आपको पता है दही में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं जिनको खाने से शरीर को फायदा होता है। दही में कैल्शियम (calcium), प्रोटीन (protein), विटामिन (vitamin) पाया जाता है। दूध के मुकाबले दही सेहत के लिए ज्यादा फायदा करता है। क्‍योंकि दूध में मिलने वाला फैट और चिकनाई शरीर को एक उम्र के बाद नुकसान पहुंचाता है। इस के मुकाबले दही से मिलने वाला फास्फोरस (phosphorus) और विटामिन डी शरीर के लिए लाभकारी होता है। दही में दूध की अपेक्षा ज्यादा मात्रा में कैल्शियम होता है। इसके अलावा दही में प्रोटीन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस पाया जाता है। आइए हम आपको बताते हैं कि दही आपके शरीर के लिए कितना फायदेमंद है।

हड्डियों के लिए फायदेमंद

दही कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद (good for bones) होता है। दही खाने से दांत भी मजबूत होते हैं। दही ऑस्टियोपोरोसिस (जोडों की बीमारी) जैसी बीमारी से लड़ने में भी मददगार होती है।

टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम करें

दही के नियमित सेवन से डायबिटीज टाइप 2 का खतरा 28 प्रतिशत तक कम हो जाता है। दही में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और सैचुरेटेड फैट्स अच्छी मात्रा में होते हैं जो डायबिटीज टाइप 2 से दूर रखने में आपकी मदद करते हैं। इसलिए अगर आप डायबिटीज (diabetes) से परेशान है तो अपने आहार में दही को शामिल करें।

पेट के लिए रामबाण है दही

दही पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पेट की बीमारी से परेशान लोगों को अपने आहार में दही को प्रचूर मात्रा में शामिल करना चाहिए। पेट में जब अच्छे किस्म के बैक्टीरिया (bacteria) की कमी हो जाती है, जिसके चलते भूख न लगने जैसी तमाम बीमारियां पैदा हो जाती हैं। इस स्थिति में दही सबसे अच्छा भोजन बन जाता है। इसमें अच्छे बैक्टीरिया पाये जाते हैं जो पेट की बीमारी को ठीक करते हैं। यह इन तत्वों को हजम (digestion) करने में मदद करता है। दही में अजवाइन मिलाकर पीने से कब्ज की शिकायत समाप्त होती है।

त्‍वचा के लिए गुणकारी

चेहरे पर दही लगाने से त्वचा मुलायम होती है और त्वचा में निखार आता है। दही से चेहरे की मसाज (massage) की जाये तो यह ब्लीच (bleach) के जैसा काम करता है। गर्मियों में त्वचा पर सनबर्न की समस्‍या (problem of sunburn) को दूर करने के लिए दही मलना चाहिए, इससे सनबर्न और टैन में फायदा मिलता है। इसके अलावा त्वचा का रूखापन (dryness) दूर करने के लिए दही का प्रयोग करना चाहिए। जैतून के तेल और नींबू के रस के साथ दही का चेहरे पर लगाने से चेहरे का रूखापन समाप्त होता है।

अन्‍य लाभ

लू से बचने के लिए दही का प्रयोग किया जाता है। लू लगने पर दही पीना चाहिए।

दही पीने से पाचन क्षमता बढती है और भूख भी अच्छे से लगती है।

सर्दी और खांसी (cough) के कारण सांस की नली में इन्फेक्शन (infection) हो जाता है। इस इंफेक्शन से बचने के लिए दही का प्रयोग करना चाहिए।

मुंह के छालों के लिए यह बहुत ही अच्छा घरेलू नुस्खा है। मुंह में छाले होने पर दही से कुल्ला करने पर छाले समाप्त हो जाते हैं।

दही के सेवन से हार्ट में होने वाले कोरोनरी आर्टरी रोग (coronary artery infection) से बचाव किया जा सकता है। दही के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल (cholestrol) को कम किया जा सकता है।

गर्मी के मौसम में दही और उससे बनी छाछ का ज्यादा मात्रा में प्रयोग किया जाता है। क्योंकि छाछ और लस्सी पीने से पेट की गर्मी शांत होती है। दही का रोजाना सेवन करने से शरीर की बीमारियों से लडने की क्षमता बढती है।

दही के फायदे
अमेरिका के आहार विशेषज्ञों (dietitians) ने निष्कर्ष निकाला है कि दही के नियमित सेवन से आंतों के रोग और पेट की बीमारियां नहीं होती हैं तथा कई प्रकार के विटामिन बनने लगते हैं। दही में जो बैक्टीरिया होते हैं, वे लेक्टेज बैक्टीरिया उत्पन्न करते हैं।

मोटापा कम करने के लिए दही प्रभावशाली है।

दही में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की अद्भुत क्षमता है। यह हमारे रक्त में बनने वाले कोलेस्ट्रोल नामक घातक पदार्थ को बढ़ने से रोकता है, जिससे वह नसों में जमकर ब्लड सर्कुलेशन (blood circulations) को प्रभावित न करे और हार्टबीट (heart beat) सही बनी रहे।

दही में कैल्शियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो हमारे शरीर में हड्डियों का विकास करती है। दांतों एवं नाखूनों की मजबूती एवं मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में भी सहायक है।

दही खाने के फायदे

1. दही के सेवन से हार्ट में होने वाले कोरोनरी आर्टरी रोग से बचाव किया जा सकता है। डॉक्टरों (doctors) का मानना है कि दही के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है।

2. चेहरे पर दही लगाने से त्वचा मुलायम होने के साथ उसमें निखार भी आता है। अगर दही से चेहरे की मसाज की जाए तो यह ब्लीच के जैसा काम करता है। इसका प्रयोग बालों में कंडीशनर के तौर पर भी किया जाता है।

3. गर्मियों में त्वचा पर सनबर्न हो जाने पर दही मलने से राहत मिलती है।

4. दही दूध के मुकाबले सौ गुना बेहतर है, क्‍योंकि इसमें कैल्शियम के चलते हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से लड़ने में भी मददगार है।

5. हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोजाना दही का सेवन करना चाहिए।

6. दही में अजवायन डालकर खाने से कब्ज दूर होता है।

7. दही में बेसन मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है। मुंहासे दूर होते हैं।

8. दही को आटे के चोकर में मिलाकर लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है और त्वचा कातिमय बनती है। – सिर में रूसी (dandruff) होने पर भी दही फायदेमंद होता है। ये रूसी को हटाकर बालों को मुलायम बनाता है।

9. मुंह के छालों पर दिन में 2-4 बार दही लगाने से छाले जल्द ही ठीक हो जाते हैं। शरीर के ब्लड सिस्टम (blood system) में इन्फेक्शन को कंट्रोल करने में वाइट ब्लड सेल्स (white blood cell) का महत्तवपूर्ण योगदान होता है।

10. पेट की बीमारियों से परेशान होने वाले लोग यदि अपनी डाइट में प्रचूर मात्रा में दही को शामिल करें तो अच्छा होगा। इसमें अच्‍छे बैक्‍टीरिया पाए जाते हैं जो पेट की बीमारी को ठीक करते हैं। पेट में जब अच्‍छे किस्‍म्‍ के बैक्‍टीरिया की कमी हो जाती है तो भूख न लगने जैसी तमाम बीमारियां पैदा हो जाती हैं।इस स्थिति में दही सबसे अच्छा भोजन बन जाता है। यह इन तत्वों को हजम करने में मदद करता है।

11. यदि आपकी त्वचा रूखी है तो आप आधा कप दही में एक छोटा चम्मच जैतून का तेल तथा एक छोटा चम्मच नींबू का रस (half spoon lemon drops) मिलाकर चेहरे पर लगाकर गुनगुने पानी से चेहरा धोने से त्वचा का रूखापन समाप्त हो जाता है।

12. डॉक्टर और वैद्य मानते है कि दूध जल्दी हजम नहीं होता है कब्ज पैदा करता है, दही व मट्ठा तुरंत हजम हो जाता है। जिन लोगों को दूध नहीं हजम होता है। उन्हें दही या मट्ठा लेना चाहिये।

ये रोग हो तो दही खाएं

पेट में गड़बड़ हो, पतले दस्त (loose motion) हों तो दही के साथ ईसबगोल की भूसी लें। दही के साथ चावल खाएं।

बवासीर के रोगियों (patient of piles) को चाहिए कि दोपहर में भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीएं।

पेट के रोगियों को चाहिए कि ज्वार की रोटी के साथ दही लें। दही का सेवन भुने हुए जीरे व सेंधा नमक के साथ करें।

दही में शहद (honey) मिलाकर चटाने से छोटे बच्चों के दांत आसानी से निकलते हैं।

मुंह के छालों में दही कम करने के लिए दिन में कई बार दही की मलाई लगाएं। इसके अलावा शहद व दही की समान मात्रा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

दही के सेवन से शरीर की फालतू चर्बी (extra fat) कम करने में सहायता मिलती है।

गर्मी के मौसम में दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। इसे पीकर बाहर निकलें तो लू लगने का डर भी नहीं रहता है।

दुबले व्यक्तियों (skinny peoples) को चाहिए कि दही में किशमिश, बादाम, छुहारा आदि मिलाकर पीएं। इससे वजन बढ़ता है।

दही में नींबू का रस मिलाकर चेहरे, गर्दन, कोहनी, एड़ी, हाथों पर लगाएं। कुछ देर बाद कुनकुने पानी से धो डालें।

बालों को सुंदर, स्वस्थ व नीरोग रखने के लिए बालों को धोने के लिए दही या छाछ का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि दही में वे सब तत्व मौजूद रहते हैं, जिनकी बालों को आवश्यकता रहती है। स्नान से पूर्व दही को बालों में डालकर अच्छी तरह मालिश करें ताकि बालों की जड़ों तक दही पहुंच जाए। कुछ समय बाद बालों को धो दें। दही के प्रयोग से खुश्की, रूसी व फियास समाप्त हो जाती है।

दही को जीरे व हींग का छौंक लगाकर खाने से जोड़ों के दर्द (joint pains) में लाभ पहुंचता है। यह स्वादिष्ट और पौष्टिक (tasty and healthy) होता है।

गर्मी के दिनों में पसीना (sweat) काफी निकलता है। पसीने की बदबू दूर करने के लिए दही और बेसन मिलाकर शरीर पर मालिश करें तथा कुछ देर बाद स्नान करें, इससे पसीने की बदबू दूर हो जाती है।

नींद न आने से परेशान रहने वाले लोगों को दही व छाछ का सेवन करना चाहिए।

सावधानियां

1. सायंकालीन भोजन व रात्रि में दही का सेवन नहीं करें।

2. विद्यार्थियों (students) को परीक्षा के दिनों में दही का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। जिन छात्रों को दोपहर व सायंकाल परीक्षा का समय हो तो विशेष सावधानी रखना चाहिए। दही आलस्य लाता है।

3. खट्टा दही सेवन न करें। ताजे दही का प्रयोग करें।

4. सर्दी, खांसी, अस्थमा के रोगियों को भी दही से परहेज करना चाहिए।

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