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बच्चों ने ही बाँध दिया था रावण को अस्तबल में , जानिए रावण के जीवन से जुडी ख़ास बातें | Bacho ne hi baandh diya tha Raavan ko astbak men, jaaniye raavan ke jivan se judi khaas baatein




बच्चों ने ही बाँध दिया था रावण को अस्तबल में , जानिए रावण के जीवन से जुडी ख़ास बातें | Bacho ne hi baandh diya tha Raavan ko astbak men, jaaniye raavan ke jivan se judi khaas baatein

रावण जितना दुष्ट था, उसमें उतनी खुबियां भी थीं, शायद इसीलिए कई बुराइयों के बाद भी रावण को महाविद्वान और प्रकांड पंडित माना जाता था। रावण से जुड़ी कई रोचक बातें हैं, जो आम कहानियों (stories) में सुनने को नहीं मिलती। विभिन्न ग्रंथों में रावण को लेकर कई बातें लिखी गई हैं। फिर भी रावण से जुड़ी कुछ रोचक बातें हैं, जो कई लोगों को अभी भी नहीं पता है। आइए जानते है रावण के जीवन (life) से जुडी कुछ ऐसी बातें

वीर योद्धा था रावण – रावण जब भी युद्ध (war) करने निकलता तो खुद बहुत आगे चलता था और बाकी सेना पीछे होती थी। उसने कई युद्ध तो अकेले ही जीते थे। रावण ने यमपुरी जाकर यमराज को भी युद्ध में हरा दिया था और नर्क (hell) की सजा भुगत रही जीवात्माओं को मुक्त कराकर अपनी सेना में शामिल किया था। इतना वीर (brave) होने के बाद भी रावण कई जनों से हारा था।

कैसे-कैसे हारा रावण – बालि ने रावण को अपनी बाजू में दबा कर चार समुद्रों की परिक्रमा की थी। बालि इतना ताकतवर (powerful) था कि वो रोज सवेरे चार समुद्रों की परिक्रमा कर सूर्य को अर्घ्य देता था। रावण जब पाताल के राजा बलि से युद्ध करने पहुंचा तो बलि के महल में खेल रहे बच्चों (kids) ने ही उसे पकड़कर अस्तबल में घोड़ों (horse) के साथ बांध दिया था। सहस्त्रबाहु अर्जुन ने अपनी हजार हाथों से नर्मदा के बहाव को रोक कर पानी इकट्ठा किया और उस पानी में रावण को सेना सहित बहा दिया। बाद में जब रावण युद्ध करने पहुंचा तो सहस्र्बाहु ने उसे बंदी बनाकर जेल में डाल दिया। रावण ने शिव (lord shiva) से युद्ध में हारकर उन्हें अपना गुरु (teacher) बनाया था।

महिलाओं के प्रति दुर्भावना – रावण के मन में महिलाओं के प्रति हमेशा दुर्भावना रही। वो उन्हें सिर्फ उपभोग की वस्तु (thing) मानता था। जिसके कारण उसे रंभा और सीता सहित कई महिलाओं के शाप (curse) भी लगे, जो उसके लिए विनाशकारी बने। भगवान महिलाओं (womens) का अपमान करने वालों को कभी माफ नहीं करता क्योंकि दुनिया में जो पहली पांच संतानें पैदा हुई थीं, उनमें से पहली तीन संतानें लड़कियां ही थीं। भगवान ने महिलाओं को पुरुषों से आगे रखा है। रावण अपनी शक्ति के अहंकार (attitude) में ये बात समझ नहीं पाया।

सिर्फ तारीफ सुनना – रावण की दूसरी सबसे बड़ी कमजोरी (weakness) यह थी कि उसे अपनी बुराई पसंद नहीं थी। गलती करने पर भी वह दूसरों के मुंह से अपने लिए सिर्फ तारीफ ही सुनना चाहता था। जिसने भी उसे उसकी गलतियां दिखाईं, उसने उन्हें अपने से दूर कर दिया, जैसे भाई विभीषण, नाना माल्यवंत, मंत्री शुक आदि। वो हमेशा चापलूसों से घिरा रहता था।

शराब से दुर्गंध मिटाना – रावण शराब (wine) से बदबू भी मिटाना चाहता था। ताकि संसार (world) में शराब का सेवन करके लोग अधर्म को बढ़ा सके।

स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाना – भगवान की सत्ता को चुनौती देने के लिए रावण स्वर्ग (heaven) तक सीढ़ियां बनाना चाहता था ताकि जो लोग मोक्ष या स्वर्ग पाने के लिए भगवान को पूजते हैं वे पूजा बंद कर रावण को ही भगवान माने।

अपने बल पर अति विश्वास – रावण को अपनी शक्ति पर इतना भरोसा (trust) था कि वो बिना सोचे-समझे किसी को भी युद्ध के लिए ललकार देता था। जिससे कई बार उसे हार का मुंह देखना पड़ा। रावण युद्ध में भगवान शिव, सहस्त्रबाहु अर्जुन, बालि और राजा बलि से हारा। जिनसे रावण बिना सोचे समझे युद्ध करने पहुंच गया।

रथ में गधे होते थे – वाल्मीकि रामायण (ramayan) के मुताबिक सभी योद्धाओं के रथ में अच्छी नस्ल के घोड़े होते थे लेकिन रावण के रथ में गधे (donkeys) हुआ करते थे। वे बहुत तेजी से चलते थे।

खून का रंग सफेद हो जाए – रावण चाहता था कि मानव रक्त का रंग लाल से सफेद हो जाए। जब रावण विश्वविजयी यात्रा पर निकला था तो उसने सैकड़ों युद्ध किए। करोड़ों लोगों का खून बहाया। सारी नदियां और सरोवर खून से लाल हो गए थे। प्रकृति का संतुलन बिगड़ने लगा था और सारे देवता इसके लिए रावण को दोषी मानते थे। तो उसने विचार किया कि रक्त का रंग लाल से सफेद हो जाए तो किसी को भी पता नहीं चलेगा कि उसने कितना रक्त बहाया है वो पानी में मिलकर पानी जैसा हो जाएगा।

काला रंग गोरा करना – रावण खुद काला था इसलिए वो चाहता था कि मानव प्रजाति में जितने भी लोगों का रंग काला है वे गौरे हो जाएं, जिससे कोई भी महिला उनका अपमान ना कर सके।

संगीत और विद्वान – रावण संगीत का बहुत बड़ा जानकार था, सरस्वती (saraswati mata) के हाथ में जो वीणा है उसका अविष्कार (invention) भी रावण ने किया था। रावण ज्योतिषी (astrologer) तो था ही तंत्र, मंत्र और आयुर्वेद (ayurved) का भी विशेषज्ञ था।

सोने में सुगंध डालना – रावण चाहता था कि सोने (स्वर्ण) में खुश्बु (smell) होनी चाहिए। रावण दुनियाभर के स्वर्ण पर खुद कब्जा जमाना चाहता था। सोना खोजने में कोई परेशानी नहीं हो इसलिए वो उसमें सुगंध डालना चाहता था।

समुद्र के पानी को मीठा बनाना – रावण सातों समुद्रों के पानी को मीठा (sweet) बनाना चाहता था।

संसार से हरि पूजा को निर्मूल करना – रावण का इरादा था कि वो संसार से भगवान की पूजा की परंपरा को ही समाप्त कर दे ताकि फिर दुनिया में सिर्फ उसकी ही पूजा हो।

ऐसा था रावण का वैभव – रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास लिखते हैं कि रावण के दरबार में सारे देवता और दिग्पाल हाथ जोड़कर खड़े रहते थे। रावण के महल में जो अशोक वाटिका (ashok vatika) थी उसमें अशोक के एक लाख से ज्यादा वृक्ष थे। इस वाटिका में सिवाय रावण के किसी अन्य पुरुष को जाने की अनुमति नहीं थी।

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