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“लाल किताब” के “उपाय” कब और कैसे करें ? | Lal kitaab ke upaye kab aur kaise kare




“लाल किताब” के “उपाय” कब और कैसे करें ? | Lal kitaab ke upaye kab aur kaise kare

लाल किताब में उपाय करने के अपने नियम हैं । इसलिए लाल किताब में उपाय कब और कैसें करें ये निम्न प्रकार से बतलाया गया है । किसी भी उपाय को करने के लिए मन में श्रद्धा का होना जरूरी है । पूरे मन से किया गया उपाय पूर्ण फल देता है व अधूरे मन से किया गया उपाय निष्फल रहता है । इसलिए आपको सलाह (suggestion) दी जाती है कि आप कोई भी उपाय करें उसे निष्ठापूर्वक पूरे मन से श्रद्धापूर्वक करें । पूरे मन से व श्रद्धा से आप द्वारा किया गया उपाय आपके लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा ।

1. उपाय सूर्य निकलने के बाद सूर्य (sun) छिपने तक दिन के समय करें, रात के समय उपाय करना कई बार अशुभ फल दे सकता है। केवल चन्द्र (moon) ग्रहण का उपाय रात को किया जा सकता है ।
2. उपाय शुरू करने के लिए किसी खास दिन सोमवार या मंगलवार आदि, सक्रांति, अमावस्या या पूर्णिमा आदि का कोई विचार नहीं होगा।
3. आप का कोई खून का संबंधी रिश्तेदार (relatives) जैसे भाई-बहन, माता-पिता, दादा-दादी, पुत्र-पुत्री आदि में से उपाय कर सकता है जो फलदाई होगा।
4. एक दिन में केवल एक ही उपाय करें, एक दिन में दो उपाय करने से शुभ फल नहीं मिलता या किया हुआ उपाय निष्फल हो सकता है।
5. जो परहेज बताए जाये जैसे मांस-मछली (avoid non-veg/fish) न खावें, मदिरा का सेवन न करें, चाल-चलन ठीक रखें, झूठ न बोलें, जूठन न खावें न खिलावें, नियत में खोट न रखें, परस्त्री-परपुरुष से संबंध न करें, आदि का विशेष ध्यान रखें।
6. जो उपाय जिस समय के लिये लिखा है उसी समय तक करें, आगे यह उपाय बंद कर देवें।
7. यदि किसी कारण उपाय बीच में बंद करना पड़ जाय तो जिस दिन उपाय बन्द करना है उससे एक दिन पहले थोड़े से चावल दूध से धोकर सफेद कपड़े में बांध कर पास रख लें और जब दुवारा उपाय शुरू करना हो वह चावल (rice) धर्म स्थान में या चलते पानी में या किसी बाग-बगीचे (garden) आदि में गिरा कर उपाय फिर शुरू कर दें। ऐसा करने से उपाय अधूरा नहीं माना जाएगा और पूरा फल मिलेगा।
8. हर उपाय 43 दिन या 43 सप्ताह या 43 मास या 43 वर्ष तक करना होता है, उपाय चलते समय बीच में टूट जाए चाहे 39वां दिन क्यों न हो सब निष्फल हो सकता है या शुभ फल में कमी रह सकती है।
9. जन्म कुण्डली में अशुभ ग्रहों का वर्षफल कुण्डली में उपाय अपने जन्मदिन (birthday) से लेकर 40-43 दिन के भीतर ही करें ।
10. घर में कोई सूतक (बच्चा जन्म हो) या पातक (कोई मर जाय) हो जाय तो 40 दिन उपाय नहीं करने चाहिये ।
11. बुजुर्गों के रीति -रिवाजों को न तोडें और संस्कार पूरें करें ।

लाल किताब उत्तर भारत में खास कर पंजाब में बहुत प्रसिद्ध है । अब इसका प्रचार धीरे-धीरे पूरे भारत में हो रहा है । इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इसके आसान, सस्ते और सटीक उपाय हैं । इसमें कई उपाय ग्रहों की बजाय लक्षणों से बताये जाते हैं । आपके लाभ के लिए कुछ सिद्ध उपाय निम्न प्रकार से हैं –

1. यदि आपको धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत (problem in job) आ रही है, प्रमोशन नहीं हो रहा है या आप अच्छे करियर की तलाश में है तो यह उपाय कीजिए :

किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार (friday) को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए । लेकिन ताला (lock) खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार (shop keeper) को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें । उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें । इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें । शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान (religious place) पर रख दें । जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपकी किस्मत का ताला खुल जायगा ।

2. यदि आप अपना मकान, दुकान या कोई अन्य प्रापर्टी बेचना (Want to sell property) चाहते हैं और वो बिक न रही हो तो यह उपाय करें :

बाजार से 86 (छियासी) साबुत बादाम (छिलके सहित) ले आईए । सुबह नहा-धो कर, बिना कुछ खाये, दो बादाम लेकर मन्दिर जाईए । दोनो बादाम मन्दिर में शिव-लिंग या शिव जी के आगे रख दीजिए । हाथ जोड कर भगवान से प्रापर्टी को बेचने की प्रार्थना (pray) कीजिए और उन दो बादामों में से एक बादाम वापिस ले आईए । उस बादाम को लाकर घर में कहीं अलग रख दीजिए । ऐसा आपको 43 दिन तक लगातार करना है । रोज़ दो बादाम लेजाकर एक वापिस लाना है । 43 दिन के बाद जो बादाम आपने घर में इकट्ठा किए हैं उन्हें जल-प्रवाह (बहते जल, नदी आदि में) कर दें । आपका मनोरथ अवश्य (wishes will come true) पूरा होगा । यदि 43 दिन से पहले ही आपका सौदा हो जाय तो भी उपाय को अधूरा नही छोडना चाहिए । पूरा उपाय करके 43 बादाम जल-प्रवाह करने चाहिए । अन्यथा कार्य में रूकावट आ सकती है !

3. यदि आप ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन से परेशान हैं तो :

इतवार की रात को सोते समय अपने सिरहाने की तरफ 325 ग्राम दूध रख कर सोंए । सोमवार को सुबह उठ कर सबसे पहले इस दूध को किसी कीकर या पीपल के पेड को अर्पित कर दें । यह उपाय 5 इतवार तक लगातार करें । लाभ होगा ।

4. माईग्रेन या आधा सीसी का दर्द का उपाय :

सुबह सूरज (sun) उगने के समय एक गुड का डला लेकर किसी चौराहे पर जाकर दक्षिण की ओर मुंह करके खडे हो जांय । गुड को अपने दांतों से दो हिस्सों में काट दीजिए । गुड के दोनो हिस्सों को वहीं चौराहे पर फेंक दें और वापिस आ जांय। यह उपाय किसी भी मंगलवार से शुरू करें तथा 5 मंगलवार लगातार करें । लेकिन….लेकिन ध्यान रहे यह उपाय करते समय आप किसी से भी बात न करें और न ही कोई आपको पुकारे न ही आप से कोई बात करे । अवश्य लाभ होगा ।

5. फंसा हुआ धन वापिस लेने के लिए :

यदि आपकी रकम कहीं फंस गई है और पैसे वापिस नहीं मिल रहे तो आप रोज़ सुबह नहाने के पश्चात सूरज को जल अर्पण करें । उस जल में 11 बीज लाल मिर्च के डाल दें तथा सूर्य भगवान से पैसे वापिसी की प्रार्थना करें । इसके साथ ही “ओम आदित्याय नमः” का जाप करें ।

नोट:
1) एक समय में केवल एक ही उपाय करें ।
2) लाल किताब के सभी उपाय दिन में ही करने चाहिए । अर्थात सूरज उगने के बाद व सूरज डूबने से पहले ।
3) सच्चाई व शुद्ध भोजन (fresh food) पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।
4) किसी भी उपाय के बीच मांस, मदिरा, झूठे वचन, परस्त्री गमन की विशेष मनाही है ।
5) सभी उपाय पूरे विश्वास व श्रद्धा से करें, लाभ अवश्य होगा ।
6) उपाय कम से कम 40 दिन और अधिक से अधिक 43 दिनो तक करें ।
7) उपाय में नागा ना करें यदि किसी करणवश नागा हो तो फिर से प्रारम्भ करें ।
8) उपाय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक करें ।
9) उपाय खून का रिश्तेदार ( relative/blood relation- भाई, पिता, पुत्र इत्यादि) भी कर सकता है ।

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