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वास्तु: घर में गन्दगी रहने से बढ़ता है मानिसक तनाव | Vaastu Shastra: ghar mein gandgi se badta hai mansik tanaav




वास्तु: घर में गन्दगी रहने से बढ़ता है मानिसक तनाव | Vaastu Shastra: ghar mein gandgi se badta hai mansik tanaav

आप चाहे जितनी अच्छी जगह घूमने जायें किन्तु कुछ दिनों के पश्चात ही आपका का मन अपने आशियाने में जाने के लिए व्याकुल हो जाता है। मौज-मस्ती आप कहीं भी कर सकते है, पर सुकून अपने ही घर में मिलता है। जब घर में सकारात्मक उर्जा (positive energy) का वास होगा तभी आपको अपने मकान में सुख व सुकून की अनुभूति होगी। अच्छे विचारों एंव साफ-सफाई से भवन में सकारात्मक उर्जा का संचरण होता है और अशुद्ध विचारों तथा गंदगी, कूड़ा-कबाड़ को घर में एकत्रित करने से मकान में नकारात्मक उर्जा (negative energy) बनी रहती है।

Vaastu Shastra: House Cleaning is very Important, Read Some Tips आइये हम आपको बताते है कि भवन में कूड़ा-कबाड़ रखने से क्या-क्या दुष्प्रभाव पड़ते है..

1. घर की छत पर कबाड़ रखने से घर में मानिसक तनाव (mental stress) की स्थितियां बनी रहती है और सिर दर्द (headache) की समस्या भी बनी रहती है। क्योंकि छत सिर के उपर होती है और उस पर कबाड़ या भारी सामान रखा होगा तो सिर पर दबाव पड़ेगा जिससे आप मानसिक तनाव में रहेंगे। यदि कबाड़ या भारी सामान रखना ज्यादा जरूरी हो तो उसे छत के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए।

2. घर के चारों तरफ या छत के उपर गमलों में ऐसे पेड़-पौधे (plants) लगाने चाहिए जिससे की छत पर छाया बनी रही। ध्यान रखें पेड़-पौधे फलदार या कांटे नहीं होने चाहिए।

3. घर में कबाड़ या अन्य गैर जरूरी समान के लिए दक्षिण-पश्चिम कोने में स्टोर रूम (store room) बनवाना चाहिए। कोशिश करके गैर जरूरी समान उसी स्टोर में रखें।

4. यदि आपके घर का प्लास्टर (plaster) टूट रहा है तो उसे तुरन्त ठीक करायें क्योंकि इससे घर में नकारात्मक उर्जा का वास होता है।

5. जॅूठे बर्तनों को ज्यादा देर तक न रखें। कोशिश करें कि उन्हे जल्द से जल्द साफ करके रखें। क्योंकि जॅूठे बर्तनों में बैक्टीरिया (bacteria) अपना घर बना लेते है तथा इससे वास्तु दोष में भी वृद्धि होती है।

6. सूर्यास्त (sunset) के समय घर में झाड़ू कदापि न लगायें क्योंकि इससे घर की लक्ष्मी रूष्ठ हो जाती है।

7. घर कितना भी पुराना हो किन्तु समय-समय पर उसका रंग-रोगन व मरम्मत (repair) कराते रहना चाहिए। ऐसा करने से घर की सकारात्मक उर्जा जिन्दा रहती है।

8. जूता-चप्पलों (shoes-slippers) में गंदगी सबसे ज्यादा होती है। वैसे तो घर में प्रवेश करते समय जूता-चप्पल निकालकर हाथ-पैर धोकर ही बेडरूम (bedroom) में घुसना चाहिए। कोशिश करें कि जूता-चप्पल घर के बाहर या किसी बन्द अलमारी (almirah) में रखें जिससे कि उसकी निगेटिव एनर्जी पूरे घर में न फैल सके।

9. घर के शौचालय (toilet) का दरवाजा हमेशा बन्द रखें। चूंकि शौचालय से निकलने वाली निगेटिव एनर्जी पूरे घर में अपना असर न डाल सके।

10. कम से कम सप्ताह में एक बार समुद्री नमक (sea salt) डालकर पूरे घर में पोंछा अवश्य लगायें।

11. मकान में यदि किसी दरवाजे (door) या खिड़की (window) को खोलते समय चॅू-चॅू या अन्य किसी भी प्रकार की आवाज आती है तो उसे तत्काल ठीक करायें। क्योंकि ऐसा लगातार होने से आने वाले दिनों में कोई आर्थिक हानि (financial loss) या दुर्घटना (accident) घटने की आशंका रहती है।

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