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क्या आपको पता है के हनुमान चालीसा में चालीस दोहे ही क्यों हैं?| Kya aapko pata hai ke Hanuman Chalisa mein chaalis dohe hi kyon hote hai ?

hanuman ji

क्या आपको पता है के हनुमान चालीसा में चालीस दोहे ही क्यों हैं?| Kya aapko pata hai ke Hanuman Chalisa mein chaalis dohe hi kyon hote hai ? श्रीराम (Shri Ram Ji) के परम भक्त हनुमानजी (Shri hanuman Ji) हमेशा से ही सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक माने गए हैं। शास्त्रों के अनुसार माता सीता (Mata Sita ...

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महाशिवरात्रि :असंभव काम भी संभव हो जाता है इस शिव स्तोत्र से | Mahashivratri: Asambhav kaam bhi sambhav ho jata Shri Shivji ke is stotra se

shiva and parvati

महाशिवरात्रि :असंभव काम भी संभव हो जाता है इस शिव स्तोत्र से | Mahashivratri: Asambhav kaam bhi sambhav ho jata Shri Shivji ke is stotra se भगवान शंकर (Bhagwan Shri Shankar Ji) की महिमा का वर्णन अनेक धर्म ग्रंथों (Dharam Granth – Religious Books) में किया गया है। सभी में एक ही बात कही गई है कि भगवान शिव अपने ...

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श्री शिव पूजन मंत्र | Shri Shiv Poojan Mantra

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श्री शिव पूजन मंत्र| Shri Shiv Poojan Mantra श्री शिव के पूजन में शिव मंत्रों (Shiv Mntr) का जप मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। ऐसी मान्यता है कि मंत्रों द्वारा की गई पूजन भगवान (Bhagwan) तक सरलता से पहुंचती है, क्योंकि इसमें वाणी द्वारा भगवान की स्तुति होती है। जानते हैं शिव पूजन के सरल मंत्रों के ...

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क्या आप भी बिना अर्थ जाने पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? | Kya aap bhi bina arth jaane padte hai hanuman chalisa ? | Hanuman Chalisa with complete meanings in hindi

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क्या आप भी बिना अर्थ जाने पढ़ते हैं हनुमान चालीसा?  | Kya aap bhi bina arth jaane padte hai hanuman chalisa ? | Hanuman Chalisa with complete meanings in hindi शक्ति (power) व बल (strength) के प्रतीक पवन पुत्र हनुमान (pawan putra shri hanuman ji), भगवान राम के परम भक्त थे. भक्तगण उन्हें भय और कष्ट (pain) से मुक्ति पाने ...

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सुंदरकांड की यह करिश्माई चौपाई हर मुसीबत से बचा सकती है | Sunderkaand ki yeh karishmaayi chaupai har musibat se bacha sakti hai

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सुंदरकांड की यह करिश्माई चौपाई हर मुसीबत से बचा सकती है| Sunderkaand ki yeh karishmaayi chaupai har musibat se bacha sakti hai दैनिक जीवन (daily life) में हर इंसान कई छोटी-बड़ी समस्याओं (problems) का सामना करता है। इनमें से कुछ तो पलक झपकते सुलझ जाती है। किंतु कुछ परेशानियां लंबे समय तक इतना उलझा देती हैं कि मानसिक अशांति (mental ...

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धन-समृद्धि दिलाए रामरक्षास्तोत्र | Dhan Samridhi dilaye ram raksha stotra

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धन-समृद्धि दिलाए रामरक्षास्तोत्र | Dhan Samridhi dilaye ram raksha stotra विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप्‌ छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान्‌ कीलकम्‌। श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः। अथ ध्यानम्‌: ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌। वामांकारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालंकार दीप्तं दधतमुरुजटामंडलं रामचंद्रम। चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्‌ । एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्‌ ॥1॥ ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्‌ । जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमंडितम्‌ ॥2॥ ...

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श्री भैरव चालीसा (Shri Bhairav Chalisa)

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श्री भैरव चालीसा (Shri Bhairav Chalisa) ॥ दोहा ॥ श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल । श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल ॥ || चौपाई || जय जय श्री काली के लाला । जयति जयति काशी-कुतवाला ॥ जयति बटुक भैरव जय ...

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श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)

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श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa) || चौपाई || श्री रघुवीर भक्त हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई । ता सम भक्त और नहिं होई ॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं । ब्रहृ इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥ दूत तुम्हार वीर हनुमाना । जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना ॥ तब भुज दण्ड प्रचण्ड ...

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श्री लक्ष्मी चालीसा (Shri Laxmi Chalisa)

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श्री लक्ष्मी चालीसा (Shri Laxmi Chalisa)   || चौपाई || सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही । ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी । सब विधि पुरवहु आस हमारी ॥ जय जय जगत जननि जगदम्बा । सबकी तुम ही हो अवलम्बा ॥ तुम ही हो सब घट घट वासी । विनती यही हमारी खासी ॥ जगजननी ...

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श्री सरस्वती चालीसा (Shri Saraswati Chalisa)

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श्री सरस्वती चालीसा (Shri Saraswati Chalisa) || चौपाई || जय श्रीसकल बुद्घि बलरासी । जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी ॥ जय जय जय वीणाकर धारी । करती सदा सुहंस सवारी ॥ रुप चतुर्भुज धारी माता । सकल विश्व अन्दर विख्याता ॥ जग में पाप बुद्घि जब होती । तबहि धर्म की फीकी ज्योति ॥ तबहि मातु का निज अवतारा । पाप ...

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