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Kahaniya/ Stories

बाबा जी का दरबार| Baba Ji ka Darbar

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बाबा जी का दरबार| Baba Ji ka Darbar  बाबा एक दिन बाबा दरबार में बैठे थे और भक्त अपनी दुखभरी कहानियाँ (sad stories) सुनाकर बाबा से सलाह मांग रहे थे । पप्पू : ” बाबा की जय हो एक । बाबा मुझे कोई रास्ता दिखाओ , मेरी शादी (marriage) तय नहीं हो रही , आपकी शरण में आया हूँ ।” ...

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भाई बहन का प्यार | Bhai Behan ka Pyaar

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भाई बहन का प्यार | Bhai Behan ka Pyaar एक छोटा-सा पहाड़ी गांव (village) था। वहां एक किसान, उसकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी रहते थे। एक दिन बेटी की इच्छा स्कार्फ (scarf) खरीदने की हुई और उसने पिताजी की जेब से 10 रुपए चुरा लिए। पिताजी को पता चला तो उन्होंने सख्ती से दोनों बच्चों से पूछा : ...

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नागलोक में भीम | Naaglok mein Bheem

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नागलोक में भीम  | Naaglok mein Bheem पाँचों पाण्डव – युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव – पितामह भीष्म तथा विदुर की छत्रछाया में बड़े होने लगे। उन पाँचों में भीम सर्वाधिक शक्तिशाली (most powerful) थे। वे दस-बीस बालकों को सहज में ही गिरा देते थे। दुर्योधन वैसे तो पाँचों पाण्डवों ईर्ष्या (jealous) करता था किन्तु भीम के इस बल ...

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जब शिव और नारायण के भक्त झगड़ पड़े | Jab BHagwan Shiv ji ke aur Bhagwan Narayan ji ke bhagat ladd pade

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जब शिव और नारायण के भक्त झगड़ पड़े | Jab BHagwan Shiv ji ke aur Bhagwan Narayan ji ke bhagat ladd pade एक गांव में लक्ष्मीनारायण का मंदिर (mandir/temple) था। उसके दूसरी ओर ही शिवालय था। इन मंदिरों के बाहर एक वृद्धा फूल बेचती (selling flowers) थी। एक दिन वृद्धा के पास फूल कम पड़ गए। तभी वहां एक शिवभक्त ...

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कथा दुष्यंत एवं शकुन्तला की | katha Dushyant evam shakuntala ki

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कथा दुष्यंत एवं शकुन्तला की  | katha Dushyant evam shakuntala ki एक बार हस्तिनापुर नरेश दुष्यंत आखेट खेलने वन में गये। जिस वन (jungle) में वे शिकार के लिये गये थे उसी वन में कण्व ऋषि का आश्रम था। कण्व ऋषि के दर्शन करने के लिये महाराज दुष्यंत उनके आश्रम पहुँच गये। पुकार लगाने पर एक अति लावण्यमयी कन्या (girl) ...

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जब भारतीय महाराजा ने रोल्स रॉयस से उठवाया था कचरा | Jab bhartiya maharaja ne Rolls Royce se udwaya tha kachra

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जब भारतीय महाराजा ने रोल्स रॉयस से उठवाया था कचरा | Jab bhartiya maharaja ne Rolls Royace se udwaya tha kachra मोदी का स्वच्छ भारत अभियान भारत (bharat/india) में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है, पर एक समय ऐसा भी था जब ब्रिटिश लोग (british people) भारतीयों को बड़ी हिकारत भरी निगाहों से देखते थे। वे भारतीय ...

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भूत कुछ नहीं होता| Bhoot kuch nahi hota

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भूत कुछ नहीं होता| Bhoot kuch nahi hota किसी बस्ती में एक बालक रहता था| वह बड़ा निडर था| घूमते-घूमते वह अक्सर बस्ती के बाहर नदी के किनारे (sea side) चला जाता था और थोड़ी देर वहां रुककर लौट आता था| उसके बाबा उसे बहुत प्यार करते थे| उन्हें लगा कि किसी दिन वह नदी में गिर न जाए! इसलिए ...

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मुफ्त की चाकरी | Muft ki chaakari

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मुफ्त की चाकरी  | Muft ki chaakari गोटिया बहुत ही नटखट लड़का (naughty boy) था | उसका दिमाग (brain) हरदम शैतानियों में ही लगा रहता था | सब लोग गोटिया की शरारतों से तंग आ चुके थे | गोटिया के मामा चाहते थे कि वह उनके कामों में हाथ बंटाए, परंतु गोटिया का न तो काम में मन लगता था, ...

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अर्जुन का अहंकार | Bhagwan Arjun ka Ahankaar

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अर्जुन का अहंकार | Bhagwan Arjun ka Ahankaar एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनकी इस भावना को श्रीकृष्ण (shri krishan ji) ने समझ लिया। एक दिन वह अर्जुन को अपने साथ घुमाने (walk) ले गए। रास्ते में उनकी मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उसका व्यवहार (behavior) थोड़ा विचित्र था। वह ...

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जब एकनाथ ने कावड़ से गधे को पानी पिलाया | Jab Eknath ne kaavad se gadhe ko paani pilaya

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जब एकनाथ ने कावड़ से गधे को पानी पिलाया | Jab Eknath ne kaavad se gadhe ko paani pilaya संत एकनाथ महाराष्ट्र (maharashtra) के विख्यात संत थे। स्वभाव से अत्यंत सरल और परोपकारी संत एकनाथ के मन में एक दिन विचार (thought) आया कि प्रयाग पहुंचकर त्रिवेणी में स्नान (bath) करें और फिर त्रिवेणी से पवित्र जल (holy water) भरकर रामेश्वरम ...

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