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Kahaniya/ Stories

भक्त और भगवान – Bhagat aur bhagwan

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भक्त और भगवान – Bhagat aur bhagwan तीनों लोकों में राधा की स्तुति से देवर्षि नारद खीझ गए थे। उनकी शिकायत (complaint) थी कि वह तो कृष्ण (shri krishan) से अथाह प्रेम करते हैं फिर उनका नाम कोई क्यों नहीं लेता, हर भक्त ‘राधे-राधे’ क्यों करता रहता है। वह अपनी यह व्यथा लेकर श्रीकृष्ण के पास पहुंचे। नारदजी ने देखा कि ...

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नियम वो जिससे भगवान प्रसन्न हों – Niyam woh jis se bhagwan prassan ho

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नियम वो जिससे भगवान प्रसन्न हों – Niyam woh jis se bhagwan prassan ho बात उन दिनों की है जब महाराज युधिष्ठिर इंद्रप्रस्थ पर राज्य करते थे। राजा (king)होने के नाते वे काफी दान आदि भी करते थे। धीरे-धीरे उनकी प्रसिद्धि दानवीर के रूप में फैलने लगी और पांडवों को इसका अभिमान (attitude) होने लगा। कहते हैं कि भगवान (bhagwan/god) दर्पहारी ...

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राम भक्त हनुमान|तीन भक्तिपूर्ण प्रेरक प्रसंग – Bhagwan Shri Ram Bhagat Hanuman ji ke teen bhaktipuran prerak prasang

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राम भक्त हनुमान|तीन भक्तिपूर्ण प्रेरक प्रसंग- Bhagwan Shri Ram Bhagat Hanuman ji ke teen bhaktipuran prerak prasang भगवान राम के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति को दर्शाते हनुमान जी के तीन प्रेरक प्रसंग साझा कर रहे हैं। जय हनुमान। पहला प्रसंग एक बार माता सीता (sita mata) ने हनुमान जी से प्रसन्न होकर उन्हें हीरों का एक हार (diamond necklace) ...

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स्वामी विवेकानंद के जीवन के 3 प्रेरक प्रसंग – Swami Vivekanand ji ke jeevan ke 3 prerak prasang

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स्वामी विवेकानंद के जीवन के 3 प्रेरक प्रसंग – Swami Vivekanand ji ke jeevan ke 3 prerak prasang लक्ष्य पर ध्यान लगाओ स्वामी विवेकानंद अमेरिका (america) में भ्रमण कर रहे थे . एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े  कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना (targeting with the gun) लगाते देखा ...

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बड़ा बनने के लिए बड़ा सोचो – bada ban ne ke liye bada socho

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बड़ा बनने के लिए बड़ा सोचो – bada ban ne ke liye bada socho अत्यंत गरीब परिवार (very poor family) का एक  बेरोजगार युवक  नौकरी की तलाश (in search of job) में  किसी दूसरे शहर जाने के लिए  रेलगाड़ी (train) से सफ़र कर रहा था | घर में कभी-कभार ही सब्जी (vegetables) बनती थी, इसलिए उसने रास्ते में खाने के लिए ...

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मेरी ताकत – Meri Taqat – My Power

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मेरी ताकत – Meri Taqat – My Power जापान  (japan) के  एक  छोटे  से  कसबे में  रहने  वाले  दस  वर्षीय  ओकायो  को  जूडो  (judo) सीखने  का  बहुत  शौक  था . पर  बचपन  में  हुई  एक  दुर्घटना (accident)  में  बायाँ  हाथ  कट  जाने  के  कारण  उसके  माता -पिता  उसे  जूडो सीखने  की  आज्ञा  (permission) नहीं  देते  थे . पर  अब  वो  बड़ा  ...

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तरकीब कामयाब हुई – Tarkeeb kaamyaab hui

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तरकीब कामयाब हुई – Tarkeeb kaamyaab hui पुराने समय में महासेन नाम का एक अत्यंत वीर राजा (brave king) था| दुर्भाग्य से एक बार वह युद्ध में शत्रु से हार (lost in war) गया| उसके मंत्री बड़े स्वार्थी थे, जिसके कारण उसे शत्रु राजा से दंडित भी होना पड़ा| उसे शत्रु के सामने झुकना पड़ा, यह विचार राजा के हृदय (heart) ...

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सच्चा यज्ञ – Sacha Yagya

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सच्चा यज्ञ – Sacha Yagya एक बार युधिष्ठिर ने विधि-विधान से महायज्ञ का आयोजन किया। उसमें दूर-दूर से राजा-महाराजा (king) और विद्वान आए। यज्ञ पूरा होने के बाद दूध और घी से आहुति दी गई, लेकिन फिर भी आकाश-घंटियों की ध्वनि सुनाई नहीं पड़ी। जब तक घंटियां (bells) नहीं बजतीं, यज्ञ अपूर्ण माना जाता। महाराज युधिष्ठिर को चिंता हुई। वह सोचने ...

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नया जन्म – Naya Janam – New Birth

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नया जन्म – Naya Janam – New Birth एक डाकू था| वह जंगल (jungle/forest) में छिपा रहता था और उधर से जो भी निकलता था, उसको लूटकर अपनी गुजर-बसर करता था| एक दिन नारद उधर से निकले| डाकू उन पर हमला (attack) करने को आया| नारद ने उसे देखकर अपनी वीणा पर गाना आरंभ कर दिया| डाकू चकित होकर आगे ...

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मित्र की खोज – Mitr ki khoj

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मित्र की खोज – Mitr ki khoj दक्षिण (south) के किसी जनपद में महिलारोप्य नाम का एक नगर था| उस नर से कुछ दूरी पर एक बहुत बड़ा वटवृक्ष था, जिसके फल खाकर सभी पक्षी (birds) अपना पेट भरते थे और जिसके कोटरों में अनेक प्रकार के कीट निवास किया करते थे, जिसकी शीतल छाया में दूर-दूर से आने वाले ...

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